- ड्राइनेस के केस सबसे ज्यादा, ओपीडी में पहुंच रहे 350 से ज्यादा मरीज
- पिछले दो दिन में सामने आने लगे आई फ्लू के मरीज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भीषण गर्मी के मौसम में दो दिन हुई बरसात ने कुछ राहत तो दी, लेकिन इन दो दिन में ही आंखों की बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की आई ओपीडी में ड्राइनेस व आई फ्लू के मरीजों का आंकड़ा 350 से ऊपर जा चुका है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में वैसे तो गर्मी से पैदा होने वाली बीमारियों के रोजाना तीन से चार हजार मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन इनमें बड़ी संख्या आंखों की बीमारियों से ग्रसित मरीजों की भी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय जो गर्मी पड़ रही है।
वह आंखों के लिए भी काफी घातक है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक की धूप में निकलने का असर सबसे ज्यादा आंखों पर होता है। धूप की वजह से आंखों से पानी बहने की शिकायते सामने आ रही है। जिससे आंखों में ड्राइनेस पैदा हो रही है। इस वजह से आंखों में खुजली होने लगती है और धीरे-धीर यह आई-फ्लू का रूप ले लेती है। वहीं, गर्मी की वजह से आंखों में इन्फेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है। जो एक बार होने के बाद यह जल्दी ठीक नहीं होता। वहीं, अब बरसात का मौसम आने वाला है। जिसमें आई-फ्लू के मरीज की संख्या तेजी से बढ़ती है। डाक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आंखोें को बीमारियों से बचाने के लिए कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
सबसे पहले तो ज्यादा जरूरी होने पर ही धूप में निकले, निकलते समय आंखों पर धूप का चश्मा जरूर लगाएं, साथ ही अपने सिर को भी ढकने की कोशिश करें। बाहर से घर में आते ही आंखों को ठंडे पानी से जरूर धोएं। यदि आंखों में इन्फेक्शन होने पर हाथों से न खुजाएं, बल्कि डाक्टर को दिखाकर आई-ड्राप डाले। बाजार से कोई भी आई-ड्राप बिना डाक्टर की सलाह के लेकर आंखों में न डाले। जिन लोगों की आंखें लाल रहती है। वह अपनी कोई भी वस्तू जैसे तोलिया, रुमाल व साबुन आदि किसी दूसरे से शेयर न करें। सावधानी बरतने से आंखों की गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
उमस भरी गर्मी ने किया हलकान
मोदीपुरम: बारिश होने के बाद गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन बारिश के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। उमस भरी गर्मी होने के कारण लोग दिन भर पसीना-पसीना दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले दो से तीन दिन में मानसून दस्तक देगा और बारिश के साथ गर्मी का प्रकोप कम होगा। ग्लोबल वार्मिंग सिस्टम में गड़बड़ी होने के कारण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस प्रकोप के बढ़ने के कारण लोगों को बीमारी से गुजरना पड़ रहा है।
अगर देखा जाए तो इस बार में के महीने से लेकर अब तक सबसे अधिक गर्मी पड़ी है। इस गर्मी ने 50 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कई दिनों से आंधी, तूफान के साथ बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई थी, लेकिन फिर से गर्मी ने लोगों को जकड़ लिया है, क्योंकि उमस भरी गर्मी के कारण लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं। अगर वैज्ञानिकों की माने तो उनका कहना है कि 23 जून के बाद मेरठ में मानसून दस्तक देगा।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि अगले दो से तीन दिन में मानसून मेरठ में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मेरठ में मानसून के दस्तक देने की संभावना थी। मानसून आने के बाद बारिश गर्मी से राहत देगी। हालांकि इस बार गर्मी ने 50 वर्ष से अधिक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। क्योंकि इस बार गर्मी का प्रकोप अधिक देखने को मिला है। गर्मी के कारण लोग बीमारी का भी शिकार हुए हैं। इस बार की गर्मी में एसी कूलर भी फेल कर दिए हैं।
ये दर्ज हुआ तापमान
राजकीय मौसम वैधशाला पर रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अधिकतम आर्द्रता 71 एवं न्यूनतम आद्रता 49 दर्ज की गई।

