- पावर अफसरों में मचा घमासान, एक्सईएन की एसडीओ के खिलाफ
- जेई की पत्नी की एक्सईएन के खिलाफ तहरीर
- एक्सईएन ने एसडीओ पर लगाया जान से मारने की धमकी का आरोप
- एक्सईएन पर निलंबित जेई को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीवीवीएनएल के अफसरों में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। इसके चलते अफसर एक-दूसरे का फ्यूज उड़ाने के लिए पुलिस कार्रवाई पर अमादा हैं। उनका झगड़ा सड़क से होकर अब थाने की दहलीज पर जा पहुंचा है। इसके चलते अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम (एक्सईएन) मुकेश कुमार ने गढ़ रोड रंगोली के एसडीओ आरए कुशवाह तथा 70-80 अज्ञात की भीड़ के खिलाफ बंधक बनाकर धमकाने व मांगें पूरी न किए जाने पर जिंदा जलाकर मारने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की बात कहते हुए थाना सिविल लाइन पर तहरीर दी है।
तहरीर में कहा गया है कि 21 जून को अधीक्षण अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम संजीव वर्मा द्वारा मुख्य अभियंता द्वितीय क्षेत्र के कार्यालय में मुझे पहुंचने का निर्देश दिया था। वहां पहले से अवर अभियंता संगठन के पदाधिकारी आरए कुशवाह एसडीओ रंगोली 70-80 लोगों की भीड़ के साथ मौजूद थे। ये लोग चीफ इंजीनियर राघवेंद्र के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। जब इनका विरोध किया तो गाली-गलौज करते हुए झूठे आरोप लगा दिए। इससे मानसिक पीड़ा व छवि धूमिल हुई है। तहरीर में कहा गया है कि मुख्य अभियंता के कक्ष में जो अन्य अधिकारी व स्टाफ के लोग मौजदू थे, भीड़ ने उन्हें धक्के देकर बाहर निकाल दिया। मुकेश कुमार का आरोप है कि भीड़ ने उनके, मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता के साथ बंद कमरे में दो घंटे से अभद्रता की।
तहरीर में कहा गया है कि अभद्रता करने वाले 8 निलंबित अवर अभियंताओं की बहाली की भी मांग कर रहे थे। मांग पूरी न किए जाने पर ही धमकी दी गयी। वहीं, दूसरी ओर इस सारे फसाद के केंद्र निलंबित किए जाने पर जहर खाने वाले अवर अभियंता राजेश कुमार की पत्नी ने एक्सईएन मुकेश कुमार पर पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ थाना परतापुर पर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में मुख्य अभियंता सेकंड राघवेंद्र कुमार का कहना है कि राजेश कुमार के मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। जो बाकि निलंबित जेई हैं। उनके मामले में नियमानुसार जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
तबादला रुकवाने को आईएएस अफसरों की सिफारिश
मवाना भेजे गए पीवीवीएनएल के एक एसडीओ अपना तबादला रुकवाने के लिए आईएएस अधिकारियों तक से फोन्स कॉल कराकर सिफारिश लगवा रहे हैं। चीफ पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि उनका तबादला आदेश अभी वापस नहीं लिया गया है। इसको लेकर एक आरटीआई एक्टिविस्ट पं. नरेश शर्मा के साथ हो रही बातचीत का आॅडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला ईडीडी थर्ड के एसडीओ के तबादले से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने ने श्रीराम ग्लोबल स्कूल के निकट हरदेव नगर के पीछे 52 फुटा रोड के पास ट्रांसफार्मर से 90-100 मीटर दूरी तक नियम विरुद्ध तरीके से कनेक्शन जारी कर दिये थे। ये कनेक्शन करीब एक साल पूर्व दिए गए थे।
मामले की जानकारी मिलने पर आरटीआई एक्टिविस्ट व सामाजिक कार्यकर्ता नरेश शर्मा ने एसडीओ मलियाना विनय कुमार और जेई मोर्य की शिकायत एमडी ईशा दुहन से की थी। आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए पीवीवीएनएल एमडी ने एसडीओ का तबादला मवाना कर दिया है। वैसे मवाना तबादला करने के पीछे बड़ी वजह वहां के एसडीओ का पारिवारिक कारणों के चलते लंबे अवकाश पर चले जाना है, लेकिन तबादले के बाद भी एसडीओ वहां जाकर ज्वांइन नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि वह अपना तबादला रुकवाने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर जो ओडियो वारयल हो रही है, उसमे बताया जा रहा है कि एसडीओ तबादला रुकवाने को आईएएस अफसरों के फोन्स कॉल तक करा रहे हैं।
वहीं, दूसरी ओर आरटीआई एक्टिविस्ट ने यह भी बताया कि एसडीओ व जेई ने केवल कायदे कानून ताक पर रखकर केवल बिजली के कनेक्शन ही नहीं बांटे हैं। यही पर एक ट्यूबवेल की लाइन को शहर की विद्युत लाइन से जोड़ रखा था जोकि अवैध है। आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप है कि यह सारा काम मोटी सुविधा शुल्क लेकर किया गया है। इसके चलते मुख्य अभियंता ने एसडीओ का तबादला मवाना में कर दिया है। जबकि जेई पर भी जल्द कार्रवाई की बात कही है, लेकिन तबादला होने के बावजूद एसडीओ विनय कुमार ने मवाना में ज्वांइन नहीं किया है बल्कि मुख्य अभियंता पर कई नेताओं और आईएएस अफसरों से तबादला रुकवाने के लिए सिफारिशी फोन करा रहे हैं।

