
आज चाहे देश में कोई भी इसे गंभीरता से न लेता हो, चाहे यह अपना (कटाक्ष करने के लिए भी) यथार्थ खो चुका हो लेकिन 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी और भाजपा की कामयाबी में दो करोड़ रोजगार देने के प्रतिवर्ष के नारे (अब जुमला हो गया है) का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एक ऐसा माहौल बना था देश में कि सब नौजवानों सहित उनके परिवारों में आशा की एक किरण जगी थी। अगर हम याद करें तो मोदी के चुनाव अभियान में युवा और उनका रोजगार केंद्र में था। दूसरा मुख्य नारा था विदेशी धन और किसानों की स्थिति।