- भाकियू ने निकाला तिरंगा मार्च, बैरियर तोड़े, शताब्दी द्वार के सामने पंडाल लगाकर दिनभर की पंचायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कंकरखेड़ा और गंगानगर में एकत्र होकर चले किसानों के जत्थे हर बैरियर को तोड़ते हुए कमिश्नरी पार्क पहुंचे। जहां आने वाले हर मार्ग पर आड़े-तिरछे ट्रैक्टर खड़े करके भीषण जाम लगा दिया। वहीं, पुलिस की ओर से भी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कमिश्नरी पार्क की ओर जाने वाले हर मार्ग पर बेरिकेड लगा दिए। इस बीच मेरठ कालेज के शताब्दी द्वार के समक्ष बनाए गए पंडाल में दिन भर किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सभी समस्याओं का समाधान होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया।
शाम के समय भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मोबाइल कॉल के माध्यम से किसान पंचायत को संबोधित करते हुए समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया। भाकियू की तिरंगा मार्च में शामिल ट्रैक्टरों ने दिन भर कमिश्नरी चौराहे का घेराव किया। इस अवसर पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखी। धरना स्थल पर रागिनी कार्यक्रम का सिलसिला भी चलता रहा। जिसमें सुर्कमपाल हड़ौली ने ये गाथा है इंसान की, हिन्द कृषि प्रधान की, गम में डूबे भारतवर्ष के हर मजदूर किसान की रागिनी सुनाई।
उन्होंने अपने साथी कलाकार ऋषिपाल, रविन्द्र, ब्रजपाल, कर्ण, रामनारायण, मनोज साल्लाहेड़ी के माध्यम से विभिन्न प्रचलित किस्सों से रागनियां सुनाते हुए किसानों का दिन भर मनोरंजन किया। वहीं, हस्तिनापुर ब्लॉक अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी प्रधान के नेतृत्व में भंडारा लगाया गया, जिसमें किसानों को भोजन कराया गया। इससे पूर्व दोपहर के समय किसानों के जत्थे ने हजारी प्याऊ की ओर से एसएसपी आवास आने वाले तिराहे पर लगाए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और किसान ट्रैक्टरों के साथ घुस आए।
वक्ताओं ने मांगें पूरी होने तक धरना और घेराव जारी रखने का ऐलान बार बार किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी का कहना है कि किसानों से वार्ता के लिए कोई भी उच्चाधिकारी नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान करते हुए 50 ट्रैक्टर रोके रखने, बाकी को लौट जाने का पैगाम दिया। धरना स्थल पर आयोजित पंचायत की अध्यक्षता मदनपाल यादव और संचालन अंकित दांगी व हर्ष चहल ने किया।
देर रात एमडी पावर के कार्यालय पहुंचे किसान
कमिश्नरी में कई मांगों को लेकर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के कुछ बडेÞ नेता शुक्रवार देर रात पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन के विक्टोरिया पार्क स्थित कार्यालय पर उनसे मिलने पहुंचे। इससे पहले इन किसानों ने डीएम दीपक मीणा के साथ लंबी वार्ता की थी। उसके बाद माना जा रहा था कि किसान कमिश्नरी चौराहे को खाली कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वार्ता से लौटने के बाद भी किसान कमिश्नरी चौराहे पर ही डटे रहे। इनकी सुरक्षा में भारी पुलिस फोर्स तैनात है।
कमिश्नरी पर मौजूद किसान नेताओं ने संगठन के बड़े पदाधिकारियों से काफी देर तक वार्ता की। इस बीच किसानों को जानकारी मिली कि दिल्ली की सीमा पर भी कुछ हंगामा हुआ है। इस खबर के बाद किसानों ने शुक्रवार रात कमिश्नरी को छोड़ने का इरादा बदल दिया। सुरक्षा में मौके पर मौजूद एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि अचानक ही किसान नेताओं ने पीवीवीएनएल एमडी से मिलने की बात कही। उसके बाद गिनती के किसान नेता एमडी पावर के विक्टोरिया पार्क स्थित कार्यालय पर जा पहुंचे।
कचहरी के चारों ओर भीषण जाम
भारतीय किसान यूनियन के ट्रैक्टर तिरंगा मार्च ने यूं तो समूचे महानगर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर कचहरी के चारों तरफ लगने वाले भयंकर जाम के रूप में दिन भर देखने को मिला। करीब करीब पूरे दिन जाम की स्थिति रही और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
3200 ट्रैक्टर शामिल होने का दावा
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने दावा किया कि भारतीय किसान यूनियन मेरठ के ट्रैक्टर तिरंगा मार्च में जिले भर से करीब 3200 ट्रैक्टर शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, एनसीआर महासचिव नरेश मवाना, सतबीर जंगेठी, हर्ष चहल, सुशील पटेल, अनूप यादव युवा जिलाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र तालियान, सुनील, पुष्पेंद्र, अनुज, विश्वास प्रमुख, मनोज, वीर सिंह, बबलू, प्रदीप, सौरभ, अंकित डांगी, मदनपाल यादव, महेंद्र, बबलू तालियान, मनोज खत्री, सुनील, डा. टीटू, पुष्पेंद्र, प्रिंस, मुनीश त्यागी आदि शामिल रहे।
मध्य रात्रि के बाद तक चला वार्ता का दौर
एडीएम सिटी के दिन भर चले लगातार प्रयास आखिरकार रात करीब 8:30 बजे परवान चढ़े। जिसमें किसान और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नौ बजे से आयुक्त सभागार में बैठक का दौर शुरू हुआ। करीब तीन घंटे चली बिंदुवार चली बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिला स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का किसान प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया।लेखपालों के ग्राम में कैंप करके रीयल टाइम खतौनी ठीक करने पर सहमति बनी।
जबकि शासन स्तर की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक लिखा पड़ी करने की बात कही। बातचीत के बाद मध्य रात्रि किसानों का प्रतिनिधिमंडल की एमडी पावर से वार्ता शुरू हुई। किसानों की ओर से वार्ता में जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी, वीरपाल घोपला, सतबीर जंगेठी, रामबोस दबथुवा, विनेश प्रधान छुर, नरेश मवाना, बबलू सिसोला, सत्येंद्र तालियान, केपी प्रधान, अनूप यादव शामिल रहे।
छह पेज के ज्ञापन में 96 मांगे
भाकियू की ओर से बीती 24 अप्रैल को मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के नाम छह पेज का एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें उठाई गई 96 मांगों को पूरा कराने के लिए ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकालकर शुक्रवार को कमिश्नरी का अनिश्चितकालीन घेराव शुरू किया गया। भाकियू के ज्ञापन में समस्याओं और शिकायतों का विभागवार वर्गीकरण किया गया। इनमें गन्ना विभाग से जुड़ी प्रमुख मांगों में मंडल में बकाया गन्ना भुगतान तत्काल कराया जाने, पीबी 95 प्रजाति के गन्ने की खरीद इसी सत्र से शुरू कराने, विशेष परिस्थिति वाले बॉन्ड मिल ट्रांसफर किए जाने, किनौनी मिल से किसान को तीन क्विंटल चीनी, दवाई, बीज इत्यादि शामिल हैं।
इसके अलावा बिजली, टोल शुल्क, सिंचाई विभाग की नहरें, स्वास्थ्य विभाग, स्कूलों में फीस में छूट, आवारा पशुओं पर एक्शन लेना संबंधी शामिल हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण, चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ काटे जाने की निगरानी मंडलायुक्त स्तर पर हो। नगर निगम की सीमा में आए ग्रामों की सुविधा शहरों की तर्ज पर हो। दस साल पुराने डीजल वाहनों और उपकरणों संबंधी कानून निरस्त किया जाए। एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए।

