Saturday, June 15, 2024
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मेरठ में बनेगा पहला डॉल्फिन ब्रीडिंग सेंटर

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  • सेंटर में डॉल्फिन पर की जा सकेगी रिसर्च
  • मेरठ वन विभाग की ओर से तैयार की जा रही योजना

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंगा में पाई जाने वाली राष्ट्रीय जलीय जीव गंगेटिक डॉल्फिन की संख्सा में इजाफा करने के लिए मेरठ वन विभाग की ओर से एक नई योजना तैयार की जा रही है। हालांकि योजना को अमली जामा पहनाने में अभी कुछ समय लग सकता है। क्योंकि इसके लिए एक्सपर्ट की जरूरत भी पढ़ेगी। वन विभाग अधिकारियों की माने तो मेरठ का देश में यह पहला ब्रीडिंग सेंटर यानि प्रजनन केंद्र होगा। इस सेंटर में पैदा होने वाली डॉल्फिनों को गंगा में छोड़कर उनकी संख्या को बढ़ाया जाएगा। इतना ही नहीं सेंटर में डॉल्फिन पर रिसर्च भी की जाएगी।

बता दें कि गंगा के साफ पानी में पाई जाने वाली स्तनपायी डॉल्फिन गंगा नदी की पहचान मानी जाती है। यह डॉल्फिन बिजनौर बैराज से लेकर हस्तिनापुर और नरौरा बैराज तक अधिक संख्या में पाई जाती हैं, लेकिन गंगा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण गंगा से डॉल्फिन की संख्या कम होनी शुरु हो गई है और इसकी प्रजनन दर पर भी प्रदूषण का प्रभाव पढ़ रहा है। इस राष्ट्रीय जलीय जीव के संरक्षण के लिए हस्तिनापुर में ब्रीडिंग सेंटर बनाए जाने की तैयारी वन विभाग की ओर से की जा रही है। ताकि गंगेटिक डॉल्फिनों की संख्या बेहतर हो सकें।

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यह सेंटर सर्वे के बाद बनना शुरु होगा। क्योंकि डॉल्फिन ब्रीडिंग सेंटर बनाने के लिए मानसून के बाद सितंबर और अक्टूबर में नदी में पानी कम होने के बाद सर्वे शुरु किया जाएगा। इस योजना के लिए वन विभाग में ने देहरादून के वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आॅफ सर्वे से वार्ता की है। दुनिया भर में डॉल्फिन की 43 प्रजातियां पाई जाती है। जिसमें पांच नदियों में रहती है और बाकी खारे पानी में पाई जाती है। इनकी उम्र करीब 15 साल होती है। यह 20 मिनट तक पानी में रह सकती है। इनको सास लेने के लिए बार-बार सतह पर आना पड़ता है। डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि योजना तैयार की गई हैं, लेकिन अमली जामा पहनाने के लिए अभी एक्सपर्ट की जरुरत है। इसलिए अभी थोड़ा समय लगेगा।

डॉल्फिन पर नजर

  • बिहार के भागलपुर में डॉल्फिन का एक रेस्क्यू और संरक्षण केंद्र बना हुआ हैं, लेकिन प्रजनन केंद्र नहीं है।
  • वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फेडरेशन और वन विभाग टीम गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन की गणना करती है।
  • मेरठ के मखदूमपुर में भी यह डॉल्फिन बहुलता से दिखती है।
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