Tuesday, April 23, 2024
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देहात में दो दिन में पांच कत्ल, कानून व्यवस्था चरमराई

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  • थानेदारों की कार्यशैली और विफलता बन रहे घटनाओं के कारण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिले में मामूली बात पर लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो चले हैं। देहात क्षेत्र में पांच हत्या हुई, कंही रंजिशन तो कंही मामूली बच्चों के विवाद सामने उभरकर आए। देहात के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दो दिन हत्याओं का दौर चला। कंही बच्चों के विवाद में एक महिला और एक व्यक्ति को गोलियों से भून दिया गया। तो वहीं हस्तिनापुर क्षेत्र में रंजिशन के तहत दो युवकों को मौत के घाट उतारा गया।

मुंडाली क्षेत्र में एक किसान की घर लौटते वक्त हत्या कर दी गई। लगातार पांच हत्या के बाद जिले की कानून व्यवस्था पर पूरी तरह लड़खड़ा गई। एसपी से लेकर आईजोन तक देहात क्षेत्र में मौके पर डटे रहे। हत्याओं की इन घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन अर्थात सीओ व थानेदारों पर सवालिया निशान उठना लाजिमी है।

रविवार के दिन हस्तिनापुर क्षेत्र प्रभात नगर कालोनी निवासी पवन पुत्र गिरीराज की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों से हत्या कर शव को चेतावाला मार्ग पर फेंक दिया गया। वहीं शाम के वक्त इसी थाना क्षेत्र के ग्राम पलडा में अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने गांव में सरकारी स्कूल में दोस्तोंं के बीच बैठे विशु की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। वहीं खरखौदा थाना क्षेत्र में ग्राम सलेमपुर में भी मामूली बच्चों के विवाद में दो पक्ष के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए।

रविवार की रात सलेमपुर ग्राम में आठ बजे के आसपास मेहराज की मस्जिद के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं आधा घंटे बाद दूसरे पक्ष की महिला अफरोज को भी गोलियों से भूनकर मौत की नींद सुला दिया गया। हत्या का क्रम यहीं नहीं रुका। बल्कि सोमवार की रात मुंडाली थाना क्षेत्र शोफियाबाद लोटी में अज्ञात बदमाशों ने 22 वर्षीय किसान कौशिन्द्र की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। लगातार दो दिन में पांच हत्याओं के बाद जिले की पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

देहात के थाना क्षेत्रों में रंजिशन की घटनाएं और दो सम्प्रदाय विशेष के बीच होने वाली घटनाओं को गंभीरता से न लेने के बाद लगातार दो दिन में पांच हत्याओं के बाद जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पलडा गांव में विशेष सम्प्रदाय के लोगों के घरों को निशाना बनाकर आगजनी तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस एक बार फिर अराजक लोगों के सामने बेबस होती दिखाई दिया। कई सौ पुलिसकर्मी सामने खड़े रहे। बवाल करने वाले लोग घरों में तोड़फोड़ कर आगजनी करते दिखाई दिए। हत्याओं की घटनाओं के बाद जिले की कानून व्यवस्था धाराशायी होती दिखाई दे रही है।

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