- यूनिट तो काट दी नहीं की गई बांटे गये राशन की रिकवरी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: राशन डीलर के द्वारा फर्जी यूनिट का इस्तेमाल कर प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया गया। हद तो तब हो गई जब विभाग ने उन फर्जी यूनिट को राशन कार्ड से काट दिया, लेकिन पिछले कई सालों तक उन यूनिटों पर दिये गये राशन की कोई जानकारी नहीं ली। इस दौरान बांटे गये राशन की रिकवरी नहीं की गई जिसे लेकर मेरठ कैंट विधान सभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री को भेजकर मामले की जांच फूड सेल से कराये जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता अर्चित गुप्ता और रशीद नगर निवासी अहसान पुत्र मुमताज अली ने मुख्य मंत्री को की शिकायत में बताया कि रशीद नगर में हनीफ अलवी नाम का राशन विक्रेता है। जिसकी दुकान वर्ष 2018 में हुए राशन घोटाले में निरस्त हो चुकी है, लेकिन आरोप है यह दुकान अब भी हनीफ अलवी और उसक पुत्र ही चला रहे हैं। जिसमें विभागीय अधिकारी भी संलिप्त हैं।
इन्होंने फर्जी यूनिट के जरिये विभाग को अभी तक शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया है। हनीफ अलवी की दुकान पर 15 जनवरी 2020 में 602 कार्ड थे जिनकी 3410 यूनिट थी। वर्ष के आखिर में दिसंबर माह में यह कार्ड घटकर 487 रह गये और यूनिट रह गर्इं 2029।
इन यूनिटों को शिकायत के बाद फर्जी मानते हुए विभाग ने ही काट दिया। विभाग की ओर से इस दुकान से 1381 यूनिट काटी गई और 115 कार्ड कम किये गये। काटी गई इन 1381 यूनिट की बात करें तो दुकानदार ने एक वर्ष में करीब 22 लाख रुपये का घोटाला किया। इसमें लॉकडाउन के तीन महीने राशन फ्री मिला जिसे मिलाकर यह रकम करीब 28 लाख रुपये पहुंचती है।
इतनी बड़ी संख्या में घोटाला किये जाने के बावजूद अधिकारी चुप हैं। उनका आरोप है कि विभाग में प्राइवेट कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, जोकि सारा गोपनीयता का कार्य संभालते हैं उन्होंने इस मामले की जांच कराये जाने की मांग की है। साथ ही इस दौरान फर्जी यूनिट पर बांटे गये राशन को रिकवरी किये जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच फूडसेल से कराने की मांग की है।

