- दो दिन तक पुलिस ने आरोपी पति को हवालात में रखा
- जिसे पहले संदिग्ध मौत कहा बाद में हत्या का मुकदमा दर्ज किया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शास्त्रीनगर की चंदा लूथरा की हत्या को साधारण मौत में बदलने के लिये पुलिस ने हर वो प्रयास किये जिस पर उसका वश चला। यह तो गनीमत थी कि नौचंदी थाने के कुछ स्टाफ ने इसमें व्यक्तिगत रुचि लेकर एक महिला की मौत को हत्या में बदलवा कर परिजनों को थोड़ा बहुत सहारा देने का काम किया है। इस पूरे मामले में एक बड़ी डील की चर्चा जोरों पर चल रही है।
शास्त्रीनगर सेक्टर दो निवासी टेंट व्यवसायी संजय लूथरा की पत्नी चंदा लूथरा को पति ने अपने दोस्त रजत के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने मौके से ही आरोपी पति संजय लूथरा को पकड़ कर हवालात में डाल दिया था। चंदा के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया तो इंस्पेक्टर नौचंदी प्रेमचंद शर्मा ने इसे सिरे से नकारते हुए कह दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस बीच पुलिस ने शव का पंचनामा तक कराने की जरूरत नहीं समझी। जब थाने के स्टाफ ने इस ओर दबाब डाला तो कहा गया कि अभी परिजनों की तरफ से तहरीर नहीं आई है, इस कारण पंचनामा नहीं भरवाया जाएगा। बाद में जब दबाव पड़ा तो शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।
चंदा हत्याकांड में तभी यूटर्न आया जब इंस्पेक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा करते हुए कहा कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और बिसरा परीक्षण के लिये भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया तभी थाने के पुलिसकर्मियों ने आरोपी संजय लूथरा का मोबाइल लेकर उसमें डिलीट किये गए फोटो और वीडियो निकाले तो पुलिसकर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी संजय लूथरा को फायदा पहुंचाने के लिये पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक में छेड़छाड़ कराई गई।

जब मौत साधारण थी, फिर हत्या की रिपोर्ट क्यों?
चंदा लूथरा की मौत को पुलिस पहली नजर में ही संदिग्ध मानकर चल रही थी। जब पूर्व पार्षद और तमाम लोगों ने विरोध किया तो पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ा। आखिर पुलिस पहले क्यों इंकार कर रही थी। इसके पीछे बड़ी डीलिंग की चर्चा पुलिस विभाग में जोर शोर से चल रही है।
हत्या के बाद पैसे लेने हवालात गया
चंदा लूथरा हत्याकांड में आरोपी रजत ने पति संजय लूथरा के कहने पर इस शर्त पर हत्या की थी कि उस पर चंदा के सवा लाख रुपये बकाये थे। चंदा बार बार रजत से पैसे मांग रही थी। वहीं पति संजय लूथरा का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था और वो उससे छुटकारा पाना चाहता था।
इस कारण संजय ने यह तय किया कि अगर चंदा का मर्डर कर दो उधार के सवा लाख रुपये से मुक्ति मिल जाएगी और एक लाख रुपये ऊपर से मिल जाएंगे। पुलिस ने बताया कि चंदा की हत्या के बाद जब पुलिस संजय लूथरा को पकड़ कर थाने लाई और हवालात में डाल दिया तो हत्यारोपी रजत थाने में संजय से मिलने आया और एक लाख रुपये मांगे थे।

ब्लैकमेल के लिये बनाई वीडियो
संजय लूथरा ने पहले अपने दोस्त रजत से अपनी पत्नी की हत्या करवाई और बाद में उसे ब्लैकमेल करने के लिये हत्या की वीडियो बना ली थी। संजय ने पुलिस को बताया था कि वो हत्या के बाद रजत को वीडियो की धमकी देकर ब्लैकमेल करना चाहता था।
हवालात में हुआ झगड़ा
पत्नी की हत्या के बाद संजय को कुछ पल के लिये लगा कि उसने गलत किया है तो उसने रजत से झगड़ना शुरु कर दिया। दोनों में गाली-गलौज भी हुई और मारपीट की नौबत तक आ गई थी।
आठ साल का बेटा सदमे में
जिस पिता से वो लाड़ से अपनी बातें मनवाता था आज उसी पिता ने आठ साल के बेटे की जिंदगी में ग्रहण लगा दिया। मम्मी की हत्या से बुरी तरह से टूट चुके आठ साल के बेटे समर्थ की जिंदगी अंधेरे में डूब गई है। उसके मामा दीपक का कहना था कि संजय ने पूरे परिवार को ऐसा गम दे दिया।
जिससे उबरना मुश्किल है। बेटा सदमे में है और किसी से बात नहीं कर रहा है। उसने अपने पिता से मिलने से साफ मना कर दिया था। जब हवालात में संजय से उसके बेटे के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो अपने बेटे से आंखें तक नहीं मिला सकता है।

