Saturday, June 15, 2024
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शताब्दीनगर में आवंटन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, दो क्लर्क सस्पेंड

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  • एमडीए उपाध्यक्ष ने की दो क्लर्कों के खिलाफ कार्रवाई, ओएसडी की जांच रिपोर्ट आने पर लिया एक्शन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शताब्दीनगर में आवंटित एक प्लाट के मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) उपाध्यक्ष ने दो क्लर्क तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिये हैं। क्लर्क स्तर से प्लाट के मामले में बड़ा घालमेल किया गया हैं। जांच में ये तथ्य सामने आया हैं। एक सिरे से प्रक्रिया शुरू कराकर दूसरे को आवंटन व रजिस्ट्री कराने के मामले में ये कार्रवाई की गई हैं। डिफेंस एनक्लेव के साथ ही 11 अन्य प्रकरण पर लंबित जांच को पूर्ण कर कार्रवाई तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

शताब्दीनगर के सेक्टर-दो के पॉकेट-बी स्थित प्लाट संख्या 48 (250 वर्ग मीटर) मीरा सक्सेना को 22 मार्च 2005 को आवंटित हुआ था, तभी रजिस्ट्री हो गई थी। 30 अगस्त 2017 को यह प्लाट पृथ्वी पाल कृष्ण अग्रवाल को आवंटित करा दिया गया। ये एक तरह से क्लर्क स्तर पर बड़ा घालमेल कर दिया गया। इसका पता चलने पर मीरा ने एमडीए उपाध्यक्ष को शिकायत की, जिस पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी।

हाल ही में नवनियुक्त प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय के सामने पेश हुई तथा इसकी शिकायत की। पूरे मामले की जांच कर वीसी अभिषेक पांडेय ने ओएसडी रंजीत सिंह से इस मामले पर जांच आख्या मांगी। ओएसडी ने इस पूरे प्रकरण की जांच पड़ताल की, जिसमें पाया कि यह प्लाट क्लर्क महकार ने दूसरी बार आवंटित कराया था। पूर्व में आवंटित प्लाटों की फाइल ऋषि पाल के पास थी, जिसे उन्होंने महकार को सौंपी नहीं, ऐसे में महकार ने उसे रिक्त प्लाट दर्शाते हुए आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण करा दी।

ऋषिपाल ने फाइल दूसरे लिपिक को सौंपने के बजाय गायब कर दी, वह फाइल अभी तक नहीं मिली है। फाइल कहां है, कुछ पता नहीं। क्योंकि एमडीए से फाइल गायब करना कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि जिस फाइल में भी बड़ा फर्जीवाड़ा किया जाता हैं, उसी की फाइल गायब कर दी जाती हैं। इसमें भी वैसा ही हुआ। महकार ने जिस प्लाट को रिक्त समझकर दूसरे को आवंटित कराया था, उसे रिक्त समझना ही गलत था।

क्योंकि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। किसी भी प्लाट को आवंटन प्रक्रिया में शामिल कराने से पहले कंप्यूटर अनुभाग,अभियंत्रण अनुभाग से जानकारी प्राप्त की जाती है कि संंबंधित प्लाट रिक्त है या नहीं। नियोजन अनुभाग मानचित्र उपलब्ध करा सकता है। ऐसे में दूसरे को आवंटन जानबूझकर किया गया। ऐसे में क्लर्क महकार और ऋषिपाल दोनों को ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं।

वीसी अभिषेक पांडेय ने आदेश दिया है कि जिसकी भी संलिप्तता सामने आए उस पर कार्रवाई करें। सभी पुरानी फाइलें खोलें, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है या फिर अपूर्ण है। उसे जल्द निस्तारित करें। ओएसडी ने बताया कि इस प्रकरण से अलग12 और भी प्रकरण हैं, जिस पर जल्द कार्रवाई होगी। वीसी ने बताया कि विभागीय कार्रवाई तय करने लिए वित्त एवं लेखाधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर दिया गया हैं।

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