Tuesday, May 26, 2026
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बड़ा सवाल: कैसे मिले सरकारी नौकरी ?

  • सरकारी दावों से कोसों दूर है जमीनी हकीकत
  • सरकारी नौकरियां न के बराबर, कई भर्तियों पर अब भी रोक, जिले में सात लाख हुए ग्रेजुएट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को नौकरी दिये जाने के लाख दावे किये जाते रहे हों, लेकिन प्रदेश सरकार के आंकड़े उनके दावों से मेल खाते नजर नहीं आ रहे हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो विभिन्न सरकारी नौकरियों में सरकार की ओर से पिछले तीन सालों में लगभग तीन लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, लेकिन यहां मेरठ में ही अकेले चौधरी चरण सिंह विवि से एक साल में सात लाख युवा ग्रेजुएट हुए हैं। ऐसे में कुछ ने प्राइवेट नौकरियों में किस्मत भी आजमाई होगी, लेकिन फिर भी सभी को नौकरी दिया जाना मुश्किल नजर आता है।

मेरठ जिले में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, विद्या नॉलेज पार्क विवि, सुभारती विवि, शोभित विवि, कृषि विवि समेत कई बड़े विश्वविद्यालय मौजूद हैं। इनमें अगर हम सिर्फ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां पिछले सत्र वर्ष 2020-21 में ही मेरठ सहारनपुर मंडल से सात लाख युवाओं ने ग्रेजुएशन की है। यह आंकड़े चौधरी चरण सिंह विवि की साइट पर भी मौजूद हैं। ऐसे में सभी युवाओं को नौकरी मिल पाना मुश्किल है। क्योंकि सभी लोग सरकारी नौकरी में जाना पसंद नहीं करते।

सितंबर माह में मात्र दो बार लगा रोजगार मेला

मेरठ के सेवायोजन कार्यालय की बात करें तो यहां सितंबर माह में मात्र दो बार रोजगार मेला लगा, जिसमें कुल 256 को प्राइवेट नौकरी मिली। यहां एक मेले का आयोयजन 22 सितंबर को हुआ जिसमें 173 को प्राइवेट कंपनियों में नौकरी मिली। दूसरा मेला 29 सितंबर को लगा। जिसमें 83 को नौकरी मिली। ऐसे में कुल 256 को प्राइवेट कंपनियों में नौकरी मिली। सरकारी नौकरियों का औसत तो पूरे प्रदेश में बहुत ही निचले स्तर पर है।

पूरे प्रदेश में मात्र तीन लाख को मिली सरकारी नौकरी

प्रदेश सरकार के कार्यों की बात करें तो यहां सरकार सभी को नौकरी देने की बात करती है, लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो यहां जहां केवल मेरठ मंडल से एक साल में सात लाख युवा पास होकर निकल रहे हैं। वहां पूरे प्रदेश में पिछले तीन सालों मात्र तीन लाख को सरकारी नौकरी मिली है।

यह प्रदेश की साइट पर उपलब्ध है। इसमें मौजूद सरकार ने पिछले तीन सालों में 300526 नौकरियां दी हैं। यानि हर साल एक लाख को नौकरी मिली है। हालांकि यह अन्य सरकारों से अधिक है, लेकिन सभी को रोजगार कैसे मिले यह कैसे संभव हो। वर्तमान समय में 85629 के लगभग पदों पर नौकरी की प्रकिया चल रही है। लोक सेवा आयोग की बात करें तो यहां पिछले तीन सालों में 26103 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

लगती रहीं भर्तियों पर रोक

यहां हमेश भर्ती प्रकिया पर रोक लगती आई है। जिस कारण ज्यादातर युवा सरकारी नौकरियों का सपना तक देखना बंद कर देते हैं। हाल ही में भी पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। जिसमें बीच में रोक दिया गया है। इससे पहले भी कई भर्तियों पर यहां रोक लग चुकी है। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी कई वर्षों के बाद पूरी हो पाई हैं। ऐसे में सभी युवा बेरोजगारों को रोजगार कैसे प्राप्त हो यह अपने आपमें एक बड़ा सवाल है।

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