- आपातकाल में मरीजों को रक्त न मिलने पर होगी परेशानी
- रक्त संग्रह केंद्र में उपलब्ध रक्त को मुजफ्फरनगर भेजा
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: जनपद के सृजन के करीब10 वर्ष बाद भी ब्लड बैंक नहीं बन सका है। करीब चार वर्ष पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली पर रक्त संग्रह केंद्र का निर्माण हुआ था। जिससे आपातकाल में मरीजों को रक्त की पूर्ति की जाती थी, लेकिन रक्त संग्रह केंद्र का नवीनीकरण न होने के कारण उस पर ताला लटक गया।
संग्रह केंद्र में उपलब्ध रक्त को भी मुजफ्फरनगर भेजा गया है। ऐसे में सिजेरियन डिलीवरी एवं आॅपरेशन के वक्त रक्त की आवश्यकता पड़ने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में नौ मई 2017 को रक्त संग्रह यूनिट खुली थी। रक्त संग्रह केंद्र का लाइसेंस दो वर्ष के लिए जारी हुआ था और निर्धारित अवधि के अंदर नवीनीकरण होना था। रक्त संग्रह केंद्र के लाइसेंस का समय 31 दिसंबर 2019 को समाप्त हो गया था और सीएचसी प्रशासन ने नवीनीकरण के लिए प्रक्रिया मार्च 2020 में शुरू की।
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। औषधि निरीक्षक संदीप कुमार ने 26 और 31 दिसंबर को रक्त संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया था।
30 जनवरी को सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक के नाम एक पत्र जारी किया गया और केंद्र को बंद करने के आदेश दिए गए। औषधि निरीक्षक के आदेश के बाद से रक्त संग्रह केंद्र पर ताला लटका है। ऐसे में यदि सिजेरियन डिलीवरी एवं अन्य आपरेशन में रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो परेशानी खड़ी हो जाएगी।
रक्त संगह केंद्र के प्रभारी डा. अनुपम सक्सेना ने बताया कि लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण के लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अब अचानक इसे बंद करने के आदेश दे दिए गए। रक्त संग्रह केंद्र में आठ यूनिट रक्त था, जिसे ब्लड बैंक मुजफ्फरनगर भेज दिया गया है।

