Wednesday, April 1, 2026
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17 जातियों पर हाईकार्ट ने फैसला देकर न्याय किया: डा. संजय

  • निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मतस्य राज्यमंत्री का स्वागत

जनवाणी संवाददाता |

शामली: बुधवार को शामली शहर के मुजफ्फरनगर रोड स्थित एक बैंकट हॉल में उप्र. सरकार में मतस्य राज्यमंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद के शामली आगमन पर निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत सम्मान सम्मेलन का आयोजन किया गया। डा. संजय निषाद ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उससे पहले प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा 15 जातियां 1961 से ही अनुसूचित जाति में शामिल है। संविधान की सूचि में 66 समूह है जो जाति व जातियों का समूह हैं। अंग्रेजो की सेवादार जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा मिल गया और उनसे लड़ रहे थे उन्हें धोखे से ओबीसी में डाल दिया गया था।

सपा की सरकार हमें पिछड़ी से निकालती थी और बसपा उस पर स्टे ले लेती थी। हमारी 17 जातियों को हमेशा मूर्ख बनाया जा रहा था। 70 सालों से राजनीति के शिकार निषाद समाज के लोगों को पहले राजनीति का शिकार बनाए जाते हैं अब पहली बार है कि यें हिस्सेदार हैं। केंद्र व राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों की योजनाएं चलाकर निषाद समाज को मुख्य धारा में लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा केंद्र व राज्य में मतस्य मंत्रालय अलग किया गया। अंगे्रजो की धारना था कि डाक्टर का बेटा डाक्टर, इंजीनियर का बेटा इंजीनियर और बदमाश का बेटा बदमाश होता था। अंग्रेजों ने मछुआ समाज को क्रिमिनल घोषित कर रखा था और इन्हें क्रिमिनल कास्ट घोषित कर दिया गया। आज केंद्र व राज्य सरकारें सबका विकास सबका साथ लेकर चल रहे हैं।

सभी को एक समान अनाज, मकान और योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। निकाय चुनाव लड़ने के सवाल पर भाजपा हमारे बडेÞ भाई है हम लड़ने वाले नहीं लड़ाने वाले हैं। गन्ना भुगतान को लेकर उन्होंने कहा कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

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