Wednesday, September 22, 2021
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeUttar Pradesh NewsSaharanpurफर्जी प्रपत्रों पर हो रहा है अवैध खनन और परिवहन

फर्जी प्रपत्रों पर हो रहा है अवैध खनन और परिवहन

- Advertisement -
  • मुख्यमंत्री का पोर्टल बन चुका है सफेद हाथी

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: अवैध खनन का खेल थम नहीं रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस और खनन विभाग की मिली भगत से यमुना की कोख छलनी की जा रही है। माफिया लाक डाउन में अपनी दाल गला रहे हैं। अफसर हैं कि मौन हैं और हर रोज सरकार को राजस्व का हानि हो रही है। कुल मिलाकर इस अंधेरगर्दी पर किसी की नजर नहीं है। यहां तक कि मुख्यमंत्री के पोर्टल पर अनगिनत शिकायतों के बाद भी खनन का काला धंधा जारी है।

बता दें कि सहारनपुर से उत्तराखंड और हरियाणा राज्य की सीमा लगती है। यमुना नदी से खनन को लेकर सहारनपुर हमेशा से बदनाम रहा है। अवैध खनन को लेकर एनजीटी ने भी सख्त निर्देश दिए। यहां तक कि इस मामले में सीबीआई जांच तक बैठी। कई बार खून-खराबा हुआ।

सपा सरकार में सरसावा में खनन को लेकर यूपी और हरियाणा के माफिया में खूनी टकराव तक हुआ। गोलीबारी में एक की जान चली गई। लेकिन, यह सब चलता रहा। इन दिनों फिर यमुना में अवैध खनन और परिवहन जोरों पर है। हालांकि, पिछले समय में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने अवैध खनन को लेकर काफी सख्ती की थी। कुछ समय के लिए इस पर रोक लग गई थी। लेकिन इन दिनों फिर से खनन जारी है।

आरोप ये है कि चिलकाना पुलिस द्वारा अवैध खनन को सहारनपुर में एन्ट्री दी जा रही है। इसमें परिवहन विभाग की मिली भगत के भी आरोप हैं। दरअसल, इन सभी विभागों की मोबाइल वैन को इस अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए लगाया गया है लेकिन, रात के अंधेरे में सब कुछ हो रहा है।

वैन कहीं दिखाई ही नहीं देती। अगर सिंडिकेट की बात करें तो सबसे पहले हरियाणा का एक ग्रुप सामने आता है। यही ग्रुप यूपी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके खिलाफ कई बार शिकायत की गयी लेकिन विभाग में ऊंची पैठ के चलते इन पर किसी भी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।

हाल ही में अवैध खनन का परिवहन करने वाली लगभग 60 गाड़ियों को चिन्हित किया गया था। यह गाड़ियां हरियाणा से यूपी में आ रही हैं। इन गाड़ियों के नंबर मुख्यमंत्री के पोर्टल तक भेजे जा चुके हैं बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। आरटीओ प्रवर्तन रामप्रकाश मिश्रा का कहना है कि समय-समय पर चेकिंग की जाती है। मोबाइल वैन सक्रिय है। अवैध परिवाहन नहीं होने दिया जाएगा।

What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img

Recent Comments