Friday, June 14, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerut12 जुलाई तक होगी झमाझम बारिश

12 जुलाई तक होगी झमाझम बारिश

- Advertisement -
  • लोगों को उमस भरी गर्मी से मिली निजात

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: सावन के महीने में झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात दिला दी। बारिश का प्रकोप लगातार जारी है। आगामी 12 जुलाई तक वेस्ट यूपी में बारिश का अच्छा खासा असर रहेगा। बारिश के होने से जहां धान ज्वार और गन्ने की फसल को लाभ होगा। वहीं, बेल वाली फसलों को भारी नुकसान से गुजरना पड़ेगा। बारिश होने से जहां जलभराव की परेशानी बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी के प्रकोप से लोगों को निजात मिली है।

10 6

सावन का महीना शुरू होने के बाद से बारिश लगातार हो रही है। इस बार जुलाई के महीने में बारिश 100 मिमी से भी ज्यादा हो गई है। अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष बारिश अभी तक ज्यादा हुई है। इस बार बारिश ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए है। जिसके चलते बारिश ने इस बार अपने सभी रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक बारिश ने 100 मिमी से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है।

जुलाई का अभी एक सप्ताह ही बीता है और अभी तक बारिश ने तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। राजकीय मौसम वैधशाला पर शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 98 एवं न्यूनतम आर्द्रता 95 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा सुबह शांत रही,

12 7

लेकिन शाम को चार किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंकी गई। बारिश 16.8 मिमी दर्ज की गई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि आगामी 12 जुलाई तक बारिश का असर रहेगा।

बारिश से प्रदूषण का असर हुआ कम

प्रदूषण लगातार महानगर में बढ़ रहा था, लेकिन जब से बारिश का असर शुरू हुआ है तब से प्रदूषण भी कम हो गया है। जिसके चलते लोगों की परेशानी कम हुई है। बढ़ता प्रदूषण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा था, लेकिन बारिश होने के बाद से लोगों को राहत की सांस मिली है। जिसके चलते लोगों की परेशानी भी कम हुई है।

हर तरफ डमरु वाले की धूम, केसरिया रंग में रंगा बाजार

मेरठ: पावन माह सावन में जहां नजर घुमाओ केसरिया रंग नजर आ रहा है। सभी भोले की भक्ति में मदमस्त हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के फोटो प्रिंट वाली टीशर्ट या कुर्ता इस समय बाजार में छाए हुए हैं। साथ ही भक्तों के हाथों में रुद्राक्ष की माला कांवड़ पर लगा त्रिशूल और डमरु शिव की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। सड़को पर चारों ओर अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।

कांवड़ यात्रा शुरू होते ही शहर और बाजार शिव की भक्ति में सराबोर हैं। शिवालयों के बाहर अस्थाई दुकानों पर तरह-तरह की -पूजन सामग्री उपलब्ध है। ऐसे में ओम नम: शिवाय और महादेव प्रिंट वाली टीशर्ट, कुर्ते गमछा और बैग लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा सीएम योगी व बुलडोजर की तस्वीरों के प्रिंट वाली टीशर्ट भी बाजार में छाई हैं। गंगाजल लेकर आने वाले भोले के भक्तों इनकी खरीदारी कर रहे हैं।

mahadev printed t shirt

सावन शुरू होते ही रुद्राक्ष और रुद्राक्ष की माला की बिक्री भी 90 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहीं, पूजन सामग्री की दुकानों पर इस समय पीतल के त्रिशूल, डमरू, चंदन तिलक और धार्मिक पुस्तकों की भी मांग बढ़ गई है। रुद्राक्ष के होलसेल विक्रेता आशीष ने बताया कि सावन माह में रुद्राक्ष माला से पूजन का विशेष महत्व है। इस माह रुद्राक्ष और माला की मांग 90 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सभी प्रकार के रुद्राक्ष नेपाल से आते हैं।

रुद्राक्ष की क्वालिटी सबसे अच्छी है। अब पूरे साल रुद्राक्ष की मांग बनी रहती है। जिसमें सातमुखी, छह मुखी और चार मुखी रुद्राक्ष की और कुर्त मांग सबसे ज्यादा रहती है। एकल रुद्राक्ष की कीमत जहां अलग-अलग है। वहीं, रुद्राक्ष की कीमत 120 रुपये से 300 रुपये तक है। रुद्राक्ष की थोक और फुटकर दोनों मिलाकर लगभग 100 से 120 दुकाने हैं, जहां सिर्फ सावन में एक से डेढ़ करोड़ का कारोबार होता है।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments