- पहले मां की कोरोना से मौत हुई थी, परिवार में दूसरी मौत
- 8459 लोगों की टेस्टिंग में 391 पॉजिटिव, 10 की मौत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में कोरोना का कहर थम नहीं रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि शुक्रवार को 391 कोरोना पाजिटिव मिले और 10 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। एक माह से कोरोना के खिलाफ जिंदगी की जंग लड़ रहे आयकर आयुक्त के ओएसडी ज्वाइंट कमिश्नर संजय सिन्हा भी जिंदगी से हार गए। इससे पहले उनकी मां को भी कोरोना लील गया था। 15 दिन के अंदर उनके परिवार में ये दूरी मौत है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि पांच दिन के मुकाबले आज संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ है। आज 8459 लोगों की टेस्टिंग कराई गई थी जिसमें 391 संक्रमित निकले और 10 लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना से अब तक 61500 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 660 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वक़्त 3676 लोग घर में रहकर इलाज करा रहे हैं। वहीं 6890 लोग एक्टिव केस है।
उन्होंने बताया कि कोरोना को हराकर 905 लोग घर आ चुके हैं। वहीं, आयकर विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर संजय सिन्हा के परिवार में उनकी मां, पत्नी, बेटे सभी कोरोना पाजिटिव थे। पत्नी अर्चना सिन्हा को 21 अप्रैल को बुखार था। 22 अप्रैल को पत्नी को, 23 अप्रैल को बेटे चैतन्य को भी सुभारती में भर्ती कराया गया। 24 अप्रैल को संजय सिन्हा की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें सुभारती में भर्ती कराया गया।
तीन दिन बाद उनको यशोदा अस्पताल गाजियाबाद में भर्ती कराया गया। 19 मई की दोपहर बाद अचानक संजय सिन्हा की तबीयत बिगड़ गई। कोरोना संक्रमण से उनका फेफड़ा पूरी तरह से खराब हो चुका था। 19 मई को देर रात उनकी मौत हो गई। पहले मां का सूरजकुंड में अंतिम संस्कार किया गया था, अब संजय सिन्हा का सूरजकुंड में अंतिम संस्कार किया गया।
सरधना के फरीदपुर में कोरोना से व्यक्ति की मौत
कोरोना संक्रमण लोगों पर मौत बनकर टूट रहा है। सरधना के मोमन फरीदपुर गांव में कोरोना संक्रमित हुए पूर्व प्रधान की अस्पताल में देखभाल करते-करते भाई भी पॉजिटिव हो गया। हालत इतनी बिगड़ी की उसे भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया। शुक्रवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं पूर्व प्रधान की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। गांव पहुंचे शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सरधना के फरीदपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान शिवकुमार 24 दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव आए थे। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने शिवकुमार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां शिवकुमार के भाई अजय पुत्र रामपाल उनकी देखभाल में लगे हुए थे। कुछ दिन बाद अजय की जांच हुई तो वह भी पॉजिटिव आए। यानी भाई की देखभाल करते-करते दूसरा भाई भी कोरोना की चपेट में आ गया।
समय के साथ अजय की भी हालत बिगड़नी शुरू हो गई। अजय को भी उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। शुक्रवार को उपचार के दौरान अजय की मौत हो गई। जिससे उसके परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं पूर्व प्रधान शिवकुमार की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
दोपहर को अजय का शव गांव पहुंचा। जिसके बाद कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. राजेश कुमार का कहना है कि कोरोना से फरीदपुर में मौत हुई है।

