Sunday, July 25, 2021
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutप्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू अब भी फुल, वार्ड में बेड खाली

प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू अब भी फुल, वार्ड में बेड खाली

- Advertisement -
  • अतिरिक्त मरीज आईसीयू में नहीं किया जा सकता भर्ती

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दावे किये जा रहे है कि कोरोना संक्रमण कम हो गया है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू वर्तमान में भी फुल है। सर्वे करने पर पता चला कि जिन प्राइवेट अस्पतालों को प्रशासन ने कोविड-19 का सेंटर बनाया है, वहां पर आईसीयू अभी भी फुल है। एक भी अतिरिक्त मरीज आईसीयू में भर्ती नहीं किया जा सकता है।

वेंटीलेटर भी आईसीयू के अनुसार ही है, लेकिन सामान्य वार्ड में बेड अब खाली हो गए हैं। यदि किसी को कोरोना संक्रमण ज्यादा गंभीर नहीं है तो वो बेड पाकर इलाज करा सकता है, लेकिन हालात खराब है तो भी बेड मिल पाना मुश्किल है। आनंद हॉस्पिटल के आईसीयू में 22 बेड है, सभी फूल है।

इनके पास आईसीयू में यदि कोई मरीज भर्ती कराने के लिए जाता है तो आईसीयू में जगह नहीं मिलेगी। हालांकि सामान्य वार्ड में बेड खाली हो गए हैं। वहां पर मरीज को भर्ती कराकर इलाज दिया जा सकता है। इसी तरह से केएमसी के आईसीयू में भी जगह नहीं है।

सामान्य वार्ड में बेड खाली है। इस तरह से देखा जाए तो प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू के बेड अभी भी फूल है, जहां पर जगह नहीं है। मेडिकल अस्पताल को ही ले तो वहां भी आईसीयू के बेड फूल है, लेकिन बाकी वार्ड में अब बेड खाली होने लगे है। अन्यथा मेडिकल के हालात तो और भी खराब थे।

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि मेडिकल के आम वार्ड के जिस तरह के हालात है, उसे जनवाणी प्रकाशित कर चुका है। वार्ड में जितना बुरा हाल मेडिकल का है, वो हाल देखकर पूर्ण स्वस्थ्य व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता है। कम से कम प्राइवेट अस्पतालों में साफ-सफाई तो बेहतर हो रही है, वहां पर इलाज भी दिया जा रहा है।

यदि पन्द्रह दिन पहली बात करें तो प्राइवेट अस्पतालों के सामान्य वार्ड में बेड भी उपलब्ध नहीं थे। हालात इतने विकट थे कि मरीजों को बेड नहीं मिलने पर जान तक गंवानी पड़ रही थी। इतने इंतजाम सिस्टम ने नहीं किये थे कि इतनी बड़ी तादाद में कोरोना पॉजिटिव मरीज भी आ सकते हैं।

अब तीसरी लहर की विशेषज्ञ बात कर रहे हैं, इसकी तैयारी के लिए प्रशासन ने मात्र 70 बेड की व्यवस्था की है। जिले भर की आबादी 40 लाख की हैं। ऐसे में बच्चे बड़ी तादाद में कोरोना की चपेट में आये तो हालात विकट हो सकते हैं। इसके लिए पहले से ही प्रशासन को एक हजार तक बेड की व्यवस्था लेकर चलनी चाहिए। क्योंकि जिस तरह से सिस्टम के इस बार कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ने से हाथ-पैर फूले हैं, वैसी स्थिति कम से कम तीसरी लहर में तो नहंी बने। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इंतजाम करने चाहिए।


What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments