जीरो माइल पर घंटों लगता है जाम, चौराहे को छोड़ रहे होमगार्ड के सहारे
पुलिस वाहनों की चेकिंग में रहती है व्यस्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में जाम की समस्या किसी से छिपी नहीं है। रैपिड कार्य के दौरान बेगमब्रिज जीरो माइल पर घंटों लगने वाले जाम से रोज हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित के लिए नाममात्र के ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किये जाते हैं। पूरा चौराहा होमगार्ड ट्रैफिक के सहारे छोड़ दिया जाता है। यही वजह है कि इस प्वाइंट पर लोग जाम में फंसकर अपने गंतव्य पर पहुंच पाने में असमर्थ हैं।
शहर के बीचोंबीच बेगमब्रिज चौराहे से मात्र 150 मीटर दूरी पर जीरो माइल चौराहा है। अतिव्यस्त इस चौराहे पर यूँ तो रैपिड का कार्य प्रगति पर है, लेकिन चौराहे से हजारों की संख्या में गुजरने वाले दोपहिया वाहनों से लेकर चौपहिया वाहनों को कंट्रोल करने में इस ट्रैफिक पुलिस ने इसे होमगार्ड ट्रैफिक के सहारे छोड़ा हुआ है। रुड़की रोड और मवाना-बिजनौर मार्ग से जोड़ने वाले इस चौराहे पर दो-तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी को तैनात कर यातायात व्यवस्था को कंट्रोल करने का प्रयास किया जाता है।
यही वजह है कि जीरो माइल पर वाहनों की भीड़ के चलते घंटों लोग जाम में फं सकर रह जाते हैं। चौराहे पर बिगड़ती यातायात व्यवस्था के लिए ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह जिम्मेदार है। रोज चौराहे से गुजरने वाले लोग सुबह से लेकर दोपहर तक इसी उधेड़बुन में रहते हैं। किसी तरह इस जाम से निकलकर अपने गंतव्य तक पहुंच जाये। ट्रैफिक पुलिस जाम से निपटने के बजाय चौराहे पर वाहनों की चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करने में जुट जाती है। जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के लिए कोई खास प्लॉन नहीं है।