Saturday, June 22, 2024
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बड़ौत में हुई घटनाओं के बाद कल्याण सिंह ने पीड़ितों की थी मदद

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  • भाजपा के तत्कालीन जिला मंत्री की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ की थी सख्त कार्रवाई
  • बड़ौत में कम से कम आधा दर्जन बार आए थे भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह

जनवाणी संवाददाता |

बड़ौत: प्रदेश के सख्त मिजाज मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद उनके समर्थकों में शोक की लहर बनी हुई है। उनकी याद जाता करते हुए लोग अपने अनुभव बता रहे हैं। बड़ौत में कल्याण सिंह एक बार नहीं बल्कि कई आए। लोगों के दुख और सुख में साथ दिया था।

वह जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। उनका बड़ौत में सानिध्य पाने वाले लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। बड़ौत में भाजपा के तत्कालीन मेरठ जिला मंत्री की हत्या के बाद उनके परिजनों को सांत्वना देने आए थे। यहां सामुहिक हत्याआें पर भी उन्होंने आकर परिजनों को सांत्वना दी थी। डीएम को विधानसभा में तलब कराया था।

अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढ़ांचा गिराने के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को शायद कई पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक राममंदिर के लिए कल्याण सिंह ने इस्तीफा भी दे दिया था। बड़ौत में लोग उनके आगमन की कई यादगार बातें बताते हुए भावुक हो जाते हैं। एडवोकेट विनोद कुमार जैन बताते हैं कि कल्याण बड़ौत में सबसेपहली बार 1989 में आए थे।

तत्कालीन मेरठ जिले के जिला मंत्री राजेन्द्र जैन की हत्या कर दी गई थी। इनमें बड़ौत के राकेश जैन, धनेन्द्र जैन व प्रदीप जैन को नामजद किया गया था। कल्याण सिंह सिंह ने तीनों के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। तीनों पर रासुका लगी थी। तीनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। उन्होंने राजेन्द्र जैन की हत्या के बाद आश्रितों के लिए उसके चाचा कश्मीरी लाल को सरकार से दस हजार रुपये का चेक दिलाया था।

बाबरी मस्जिद ढ़ांचा 1992 में टूटने के बाद इस्तीफा दे दिया था। 1993 में उन्होंने बड़ौत के डीजे कालेज में हुई सभा में शामिल होकर लोगों का राममंदिर के लिए उत्साह बढ़ाया था। बड़ौत के डीएस भवन में एक रात में ही पांच सामुहिक हत्याएं हुई थीं। इनमें मरने वालों में व्यापार संघ के अध्यक्ष आनंदपाल राणा भी थे। कल्याण सिंह ने उनके आश्रितों के पास पहुंच कर सांत्वना दी थी।

इसके बाद नगर के ही प्रेमचंद जैन के घर बदमाशों ने डकैती डाली थी। कल्याण सिंह ने लाला प्रेमचंद जैन के घर पहुंच कर सांत्वना दी थी। बड़ौत नगर पालिका परिषद के चुनाव में उन्होंने जयप्रकाश जैन हीरो वालों का बड़ौत में पहुंच कर प्रचार किया था। उन्होंने लोगों ने उन्हें जिताने का आह्वान किया था।

हालांकि जयप्रकाश जैन चुनाव हार गए थे। विनोद जैन एडवोकेट ने बताया कि कल्याण सिंह जमीन से जड़े हुए थे। वह अनुशासन पसंद और ईमानदार व्यक्ति रहे हैं। उनके आवास पर भी वह पहुंचे थे। उन्होंने यहीं भोजन लिया था। बड़ौत में उनके आगमन को लेकर लोगों में शोक बना हुआ है।

नगर अध्यक्षा विजयवती के नेतृत्व में किया था महिलाओं ने स्वागत

प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर कलयाण सिंह फरवरी 1993 में बड़ौत के डीजे कालेज के सी फील्ड में पहुंचे थे। यहां उन्होंने बड़ी सभा को संबोधित किया था। तब भाजपा की बड़ौत नगर अध्यक्षा पद पर विजयवती पंवार थीं। विजयवती पंवार ने बताया कि नगर में चारों ओर त्यौहार जैसा माहौल था। तोरणद्वार लगाए गए थे। बाबरी मस्जिद ढ़ांचा गिरने के बाद कल्याण सिंह को तब हर कोई हीरो मान रहा था। वह उनके आवास पर भी आए थे। उनका उनके नेतृत्व में नगर महिला मोर्चा की महिलाओं ने स्वागत किया था।

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