जनवाणी ब्यूरो |
कानपुर: मेट्रो रेल परियोजना के पहले कॉरिडोर (आईआईटी कानपुर से नौबस्ता) के अंतर्गत टनल निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पहले हिस्से को आज बड़ा चौराहा में नवनिर्मित शाफ्ट में क्रेन के जरिए नीचे उतारा गया। इस हिस्से को यूपीएमआरसी और कॉन्ट्रैक्टिंग एजेंसी के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत पूजा अर्चना के बाद उतारा गया। कानपुर की भौगोलिक परिस्थितियों को केंद्र में रखकर टनल निर्माण के लिए इस अत्याधुनिक टीबीएम का चुनाव किया गया है। यूपीएमआरसी प्रयासरत है कि इसी माह के अंत तक या अगले माह के शुरूआती हफ्ते में ही टनल का निर्माण शुरू कर दिया जाए।
टीबीएम को नीचे शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया का आरंभ करते हुए आज इसके 120 टन वजनी ‘मिडिल शील्ड‘ को 400 व 250 टन के दो क्रॉलर क्रेनों की सहायता से शाफ्ट में उतारा गया। इस शील्ड को शाफ्ट में स्थित क्रेडल पर खड़ा किया गया। इस हिस्से के बाद अब मशीन के ‘फ्रंट शील्ड‘, ‘टेल शील्ड‘ और ‘कटर हेड‘ को भी लगभग 21 मीटर लंबे, 24 मीटर चौड़े और 17.5 मीटर गहरे आयताकार लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारा जाएगा। इन सभी हिस्सों को शाफ्ट में जोड़ने के बाद मशीन को पूरा करने के लिए सभी यांत्रिक पुर्जों और वायर को आपस में जोड़ा जाएगा। टनल बनाने के दौरान आधार देने के लिए प्रीकास्ट की कंक्रीट रिंग्स का निर्माण पिछले वर्ष के अक्टूबर माह से ही कास्टिंग यार्ड में आरंभ किया जा चुका है।
बड़ा चौराहा के लॉन्चिंग शाफ्ट से दो टीबीएम मशीनें उतारी जाएंगी जो नयागंज की दिशा में टनल का निर्माण करेंगी। अत्याधुनिक कंप्यूटराइज्ड टनल गाइडेंस सिस्टम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि टनलिंग निर्धारित एलाइनमेंट के अनुरूप ही हो। इसके साथ-साथ भूमिगत निर्माण के दौरान व्यापक यान्त्रिकीकरण व टीबीएम ऑपरेशन के समय सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम भी तैनात रहेगी जो निरंतर ऑनलाइन व वास्तिविक समय में निगरानी करेगी। फूलबाग-नयागंज स्टेशन तक 990 मीटर टनल का निर्माण हो जाने पर टीबीएम मशीन को निकाल या रिट्रीव कर लिया जाएगा। बड़ा चौराहा से फूलबाग-नयागंज मेट्रो स्टेशन को पूर्ण होने में लगभग 6 माह का समय लगने का अनुमान है। दोनो टीबीएम मशीनों को निकालने के बाद चुन्नीगंज में बनने वाले शाफ्ट से फिर से इन्हें ज़मीन में उतारा जाएगा और नवीन मार्केट से होते हुए बड़ा चौराहा तक टनल का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर यूपीएमआरसी की पूरी टीम को बधाई देते हुए, प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा, “कानपुर मेट्रो परियोजना ने बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर नवनिर्मित शाफ्ट में पहले टीबीएम को स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ कर भूमिगत सेक्शन के निर्माण की दिशा में तेजी से प्रगति की है। कानपुर शहर के भीड़भाड़ वाले और व्यस्त इलाके में इस तरह के जटिल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देना यूपीएमआरसी, जनरल कंसल्टेंट्स और कॉन्ट्रैक्टर गुलेरमक की पूरी टीम के लिए एक गौरवशाली क्षण है। जल्द ही कानपुर में मेट्रो के टनलिंग की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।
वर्तमान में पहले कॉरिडोर (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत 9 किमी. लंबे प्राथमिक सेक्शन (आईआईटी-मोतीझील) पर कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं जारी हैं। मोतीझील के आगे लगातार 7 मेट्रो स्टेशन भूमिगत हैं, जिनका निर्माण दो चरणों में होना है। पहले चरण में चुन्नीगंज से नयागंज( चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा और नयागंज मेट्रो स्टेशन) के बीच भूमिगत सेक्शन का निर्माण पहले से जारी है और दूसरे चरण के तहत कानपुर सेंट्रल से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच( कानपुर सेंट्रेल, झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन) भूमिगत सेक्शन का निर्माण भी शुक्रवार से डीवाल के निर्माण के साथ शुरू हो चुका है। कुल 23 किमी लंबे पहले कॉरिडोर के अंतर्गत 7 स्टेशनों वाले इस भूमिगत सेक्शन के बाद बारादेवी से नौबस्ता के बीच 5 किमी. लंबे उपरिगामी (एलिवेटेड) सेक्शन का निर्माण होना है।

