Sunday, February 25, 2024
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टैक्स चोरी मामले में काजमी को नहीं मिली जमानत

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  • 86 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का है मामला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एसटीएफ टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए ब्रॉडवे होटल के स्वामी तथा पैरागान एलएलपी ग्लास के निर्माता अभियुक्त कमर अहमद काजमी का जमानत प्रार्थना पत्र जो 86 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी से संबंधित है जिसका प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन द्वारा खारिज किया गया। अभियुक्त ने अन्य फर्जी फर्मों द्वारा फर्जी बिल बनाकर फर्जी आयात निर्यात दिखाकर फर्जी बिल आदि बनाकर फर्जी कम्पनियों से बिना माल सप्लाई किये सरकार के राजस्व की चोरी की।

अभियुक्त को फर्जी ई-वे बिल तथा फर्जी इनवॉइस के आधार पर फर्जी फर्म द्वारा लेन-देन करने का आरोप है। जमानत प्रार्थना पत्र पर 11 जनवरी को दोनों पक्षों की ओर से काफी लंबी बहस सुनने के उपरांत न्यायालय द्वारा सुना गया और शुक्रवार को आदेश पारित किया गया।

अभियुक्त की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विकास पहवा तथा एसटीएफ की ओर से लक्ष्य सिंह विशेष अभियोजन अधिकारी तथा इंचार्ज डीजीसी सर्वेश शर्मा द्वारा पक्ष रखा गया। एसटीएफ की ओर से मामला जीएसटी चोरी से भी संबंधित होने के कारण लक्ष्य सिंह द्वारा भी पैरवी की गयी।

जिनके एनबीडब्लू वो घूम रहे थे सीओ आफिस में

जिनके मारपीट व एससीएसटी की धारा में वांछित जिनके अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं और सीओ कार्यालय से 82 का पर्चा कट चुका है, उनको सीओ सिविल लाइन कार्यालय में देखे जाने तथा इसकी शिकायत करने पर सीओ द्वारा अभद्रता का आरोप अधिवक्ता ने लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। साथ ही बार को भी इस मामले से अवगत कराया गया है।

ये था प्रकरण

26 अप्रैल साल 2022 को नौचंदी थाना क्षेत्र के फूलबाग कालोनी स्थित बसपा कार्यालय में संगठन की बैठक चल रही थी। उसी दौरान वहां जमकर मारपीट हुई। मारपीट की घटना को लेकर अधिवक्ता अनिल प्रधान की तहरीर पर शमशुद्दीन राइन, सतपाल पेपला, मोहित जाटव, दिनेश काजीपुर व विकास के खिलाफ दो दिन की जांच के बाद 28 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मुकदमे की पैरवी के चलते इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अदालत ने एनबीडब्लू जारी कर दिए।

इस बीच मामला कई दिन तक सीओ कोतवाली के यहां भी विचाराधीन रहा। एडवोकेट अनिल प्रधान ने बताया कि बाद में एसएसपी ने यह मामला सीओ कोतवाली से सीओ सिविल लाइन के यहां शिफ्ट कर दिया। पूर्व में एनबीडब्लू जारी होने के चलते सीओ सिविल लाइन ने 82 यानि कुर्की संबंधित कार्रवाई के पर्चे काट दिए। इसके बाद 84 की कार्रवाई प्रस्तावित थी।

आज यह हुआ

एडवोकेट अनिल प्रधान ने बताया कि उक्त प्रकरण में शुक्रवार को वह सीओ सिविल लाइन से मिलने उनके कार्यालय में पहुंचे थे। दरअसल सीओ से समय लेकर ही वो मिलने पहुंचे थे। इस मुकदमे के संबंध में पूर्व में कई बार सीओ सिविल लाइन से उनकी चर्चा भी हो चुकी थी। लेकिन जब वह आज पहुंचे तो सीओ सिविल लाइन कार्यालय में इस मुकदमें को लेकर जिनके खिलाफ अदालत से एनबीडब्लू जारी हो चुके हैं वो बाहर आते मिले।

इसको लेकर उन्होंने सीओ के समक्ष आपत्ति की। अनिल प्रधान का आरोप है कि आपत्ति कि जाने पर सीओ सिविल लाइन ने अभद्रता की। उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी से की तथा अभद्रता को लेकर एक शिकायती पत्र भी एसएसपी को दिया। उसके बाद सीओ सिविल लाइन ने जिला बार के सचिव आनंद कश्यप को भी काल किया। एडवोकेट अनिल प्रधान ने यह भी जानकारी दी कि उनके साथ दूसरे अधिवक्ता भी मौजूद थे।

विधायक अतुल प्रधान ने कराई अपनी जमानत

चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सरधना क्षेत्र के विधायक अतुल प्रधान ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या एक मेरठ की अदालत में पहुंचकर अपनी जमानत कराई। विधायक अतुल प्रधान के अधिवक्ता गगन राणा ने बताया कि वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान थाना दौराला में शुक्रवार को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में थानाध्यक्ष दौराला ने आरोपी विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले में आरोपी विधायक को एनबीडब्ल्यू वारंट जारी होने के साथ सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विधायक ने न्यायालय में पर अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कराया, जिस पर न्यायालय ने पर्याप्त आधार मानते हुए जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

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