Thursday, April 25, 2024
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बिल्डिंग पर मेहरबानी, बाउंड्री ध्वस्त

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  • ‘जनवाणी’ की खबर पर कैंट बोर्ड के अफसरों की टूटी नींद, अब मानचित्र के लिए नोटिस जारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने 152-बीसी लाइन में बुधवार की सुबह अवैध बिल्डिंग की बाउंड्री को गिरा दिया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सिर्फ बाउंड्री पर हुई, बिल्डिंग पर नहीं। बिल्डिंग को छुआ तक नहीं गया, जबकि बिल्डिंग पूरी अवैध हैं। बिल्डिंग का कोई मानचित्र स्वीकृत भी नहीं है, लेकिन कैंट बोर्ड अधिकारियों ने यह कहकर अपना पीछा छुड़ा लिया कि बिल्डिंग डीईओ लैंड में बनी हुई है।

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डीईओ लैंड पर डीईओ हरेन्द्र चौधरी ही कार्रवाई कर सकते हैं। फिर बिल्डिंग का मानचित्र मांगा गया हैं। यही वजह है कि कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने दीवार को तोड़ा और फिर वापस लौट गए, जबकि पूरी बिल्डिंग ही इसकी अवैध है। आखिर ‘जनवाणी’ ने कैंट की बीसी लाइन स्थित 152 नंबर बिल्डिंग के निर्माण को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद ही कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया और बुधवार की सुबह आनन-फानन में कैंट बोर्ड के हथौड़ा गैंग व अन्य टीम जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंची।

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बिल्डिंग की दीवार को गिरा दिया गया। कहा गया कि पूरी बिल्डिंग अवैध हैं, फिर बाउंड्री पर ही कार्रवाई क्यों की गई? ये भी बड़ा सवाल हैं। कहा गया कि बाउंड्री गलत बनाई गई थी, जो कैंट सीईओ लैंड में बाउंड्री का निर्माण कर दिया गया था, जिसके चलते ही बाउंड्री को गिराया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान कैंट बोर्ड के इंजीनियर भी मौजूद रहे। साथ ही सड़क की पैमाइश भी कराई गयी, जिसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बड़ा सवाल ये है कि इसका निर्माण पिछले छह माह से चल रहा था,

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लेकिन इस दौरान ये अवैध बिल्डिंग का निर्माण होते हुए कैंट बोर्ड के हथौड़ा गैंग को दिखाई क्यों नहीं दिया? छोटे से निर्माण की सूचना पर हथौड़ा गैंग पहुंचकर कार्रवाई कर देता हैं तो फिर इसमें आंखें क्यों मूंदी गई? हथौड़ा गैंग की भूमिका संदेह के दायरे में हैं तथा इस पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार की ‘बू’ आ रही हैं। अब देखना ये है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती हैं। क्योंकि भ्रष्टाचार की दीवार तो कैंट बोर्ड अफसरों ने गिरा दी, लेकिन जो भ्रष्टाचार में संलिप्त थे, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की?

डीईओ लैंड पर बनी अवैध कोठी

सेना ने भी अवैध निर्माण के मामले की जांच कराई, जिसमें जीएलआर बी-3 लैंड हैं और इसकी जिम्मेदारी डीईओ की होती हैं। साथ ही कोई भी निर्माण में बदलाव के लिए डीईओ और सीईओ कैंट बोर्ड की अनुमति लेना जरुरी होता हैं। कैंट बोर्ड ने ‘जनवाणी’ की खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की हैं।

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152बीसी लाइन की अवैध निर्माण को गिरा दिया। जो अवैध निर्माण सी-लैंड या फिर बी-3 लैंड में होते हैं, उनकी जिम्मेदारी कैंट बोर्ड और डीईओ की होती हैं। इसमें आर्मी ने कहा कि अवैध निर्माण से उनका कोई लेना-देना नहीं हैं।

मानचित्र की जांच के आदेश

कैंट की जो कोठी नंबर 151 और 152 बीसी लाइन की दोनों कोठी के मानचित्र की जांच के आदेश दिये गए हैं। मानचित्र स्वीकृत के विरुद्ध कोई भी अवैध निर्माण मिलता है तो तमाम अवैध निर्माण को गिरा दिया जाएगा, ऐसा कैंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना हैं। यही नहीं, इसको लेकर कानूनी कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया हैं। ये सब कार्रवाई डीईओ की तरफ से की जा रही हैं।

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