Sunday, May 26, 2024
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‘बसंत पंचमी पर पतंगबाजी नाजायज’

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  • सोशल मीडिया पर मदरसा मजाहिर उलूम का फतवा वायरल
  • खैरनगर और गोला कुआं पर कुछ मुस्लिमों ने वितरित की अपीलें

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बसंत पंचमी पर पतंगबाजी करना मुसलमानों के लिए नाजायज करार दिया गया है। इस संबंध में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक फतवा रूपी अपील वायरल हो रही है। इस अपील को बाकायदा कई मुसलमान प्रिंट आउट निकलवाकर बंटवा भी रहे हैं। अपील पर सहारनपुर के प्रसिद्ध मदरसे मजाहिर उल उलूम का नाम दर्ज है। दरअसल, बसंत पंचमी पर अक्सर कई उलेमा मुस्लिम युवाओं को हिदायत देते हैं कि वो पतंगबाजी से दूर रहे। हालांकि उक्त उलेमाओं की इन अपीलों का ज्यादा असर देखने को नहीं मिलता और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जमकर पतंगबाजी की जाती है।

इस बार पिछले कुछ दिनों से इसको लेकर एक और अपील सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह अपील प्रसिद्ध मदरसे मजाहिर उल उलूम के सदर मुफ्ती मजदुल कुद्दूस खूबैब रूमी के नाम से वायरल हो रही है। वायरल अपील में कुछ हदीसों का हवाला भी दिया गया है। इसके अलावा पतंगबाजी को पैसे का जाया करना व वक्त की बर्बादी भी बताया गया है। अपील में मुसलमानों से अपील की गई है कि वह चूंकि नबी के उम्मती हैं और नबी ने हर ऐसे काम से मना किया है

जिसमें बेवजह वक्फ की बर्बादी हो और पैसे की फिजूलखर्ची हो, लिहाजा हमें हर ऐसे काम से परहेज करना चाहिए जिसकी शरीयत में मनाही हो। जो अपील वायरल हो रही है, उसमें खास बात यह है कि इसका खैरनगर व गोला कुआं के कुछ लोगों ने संयुक्त रूप से प्रिंट आउट निकलवाकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकोें में बंटवाया भी है। खैर नगर व गोला कुआं पतंगों की बिक्री के लिहाज से बड़ी मार्केट हैं। मदरसा मजाहिर उल उलूम की अपील का अब कितना असर होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन खुद कुछ स्थानीय उलेमाओं को ही इस बात पर संदेह है कि वायरल अपील पर मुस्लिम नौजवान अमल करेंगे।

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