Monday, April 27, 2026
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भ्रष्टाचार पर कानूनी चाबुक, कसेगी पुलिस शिकंजा

  • एआरटीओ अडिग, दलालों की नहीं होगी एंट्री
  • एआरटीओ प्रशासन का किया घेराव, आंदोलन की धमकी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: तीन दलालों पर एफआईआर के मामले में एआरटीओ (प्रशासन) यूतिका सिंह अपने लिये गए निर्णय पर अडिग हैं। उनका कहना है कि एफआईआर कराई गयी हैं, इसमें एफआईआर वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता हैं। दलालों पर नरमी नहीं, बल्कि सख्ती की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर एआरटीओ ने दो टूक कह दिया कि आरटीओ आॅफिस में दलालों की एंट्री कतई नहीं होने दी जाएगी। जो नियम कहते है, उसके अनुसार आरटीओ आॅफिस में कार्य किया जाएगा। सबकुछ आॅन लाइन हैं, फिर इसमें दिक्कत क्या हैं?

दरअसल, शुक्रवार को एआरटीओ यूतिका सिंह ने तीन लोगों को गोपनीय कक्ष में फाइलों के साथ उलट-पुलट करते हुए देख लिया था, तभी उन्होंने पुलिस कर्मियों से उन्हें बैठवा दिया था। यूतिका ने जब पूछा था कि ये गोपनीय फाइल हैं, इनमें कैसे छेड़छाड़ हो सकती हैं। प्राइवेट व्यक्ति कैसे फाइलों को चेक कर सकता हैं? ये तो गंभीर अपराध हैं। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ प्रशासन ने नौचंदी थाने में तीन लोगों के खिलाफ तहरीर लिखकर दी थी। इसमें एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया था।

इसी मामले को लेकर शनिवार को इंस्पेक्टर नौचंदी भी एआरटीओ से मिलने के लिए पहुंचे। बंद कमरे में इंस्पेक्टर और एआरटीओ प्रशासन के बीच बातचीत हुई। बातचीत क्या हुई? ये तो सार्वजनिक एआरटीओ ने नहीं किया, लेकिन इतना अवश्य बताया कि दी गई तहरीर वापस नहीं ली जाएगी।

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इसमें जो नियम के अनुसार कार्य होता है, वो पुलिस कर रही हैं। इसमें पुलिस को नहीं रोका जाएगा। आगे भी आरटीओ आॅफिस में दलाल राज रोकने के लिए और भी सख्त कदम उठाये जाएंगे। जब बार-बार एफआईआर दलालों के खिलाफ होगी तो दलाल बोरिया बिस्तर समेटकर चले जाएंगे, लेकिन आरटीओ आॅफिस में अब दलालों की ‘नौ’ एंट्री रहेगी।

मुंशी के खिलाफ एफआईआर पर भड़के ट्रांसपोर्टर

एक ट्रांसपोर्टर के मुंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ गया हैं। बड़ी तादाद में ट्रांसपोर्टर आरटीओ आॅफिस पहुंचे तथा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जिस पर मुकदमा दर्ज कराया गया हैं, वो ट्रांसपोर्टर का मुंशी है तथा अपने कार्य के सिलसिल में आरटीओ आॅफिस आया था। एआरटीओ यूतिका सिंह ने ट्रांसपोर्टर के कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कराने पर ट्रांसपोर्टर भड़क गए हैं। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर आरटीओ आॅफिस के अंदर अपना कार्य करने के लिए जाता है।

ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों व एक ही समुदाय के लोगों पर ही मुकदमा दर्ज क्यों कराया जाता हैं? इसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने सवाल भी उठाये। क्लर्क पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया। इसके लिए तो कर्मचारी भी दोषी हैं। क्योंकि ट्रांसपोर्टर का मुंशी आरटीओ के क्लर्क के पास ही बैठा था। रूल रेगुलेशन सभी के लिए बराबर है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हमेशा से आरटीओ विभाग में दलाल राज के खिलाफ रहा है और आगे भी रहेगा। वेब ट्रांसपोर्टर को कार्य करने के लिए टैक्स और फिटनेस आदि के लिए डेस्क की मांग की गई है,

लेकिन आरटीओ आॅफिस में आज तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। ट्रांसपोर्टर एक खिड़की से दूसरी खिड़की पर चक्कर ही काटते रहते हैं, जिसके कारण मजबूरन दलालों से कार्य कराया जाता है। एआरटीओ यूतिका सिंह के व्यवहार से ट्रांसपोर्टर में आक्रोश है। आरटीओ हितेश तिवारी से बात करने के बाद सोमवार को ट्रांसपोर्टरों का समाधान नहीं होता तो मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। मौके पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा, दीपक गांधी पंकज अनेजा, खेता सिंह, संतोष सिंह, अनीस चौधरी, रोहित कपूर, सुभाष पिंकू, अशोक शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, अंकुर प्रजापति आदि उपस्थित रहे।

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