Thursday, April 30, 2026
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अब पकड़ा जाएगा तेंदुआ, पूरी तैयारी

  • निगरानी में लगीं टीमें, इस बार कोताही बरतना नहीं चाहते वनकर्मी

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: पुरानी लोकेशन पर तेंदुए की निरंतर दस्तक को लेकर हुई फजीहत के बाद आखिरकार वनाधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूट गई। आलाधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को एसडीओ व रेंजर दिन निकलते ही वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों संग तेंदुए के मूवमेंट वाले तमाम ठिकानों को टेस करते हुए अफसरों को पूरे मामले की बारीकी से जानकारी दी। फिलहाल तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए तीन टीमें बना दी गईं हैं। धरपकड़ के लिए शीघ्र आप्रेशन चलाए जाने का दावा किया जा रहा है।

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दरअसल फतेहपुर, भड़ौली, जड़ौदा के जंगल में पिछले दो महीने से तेंदुआ परिवार दिखाई देने के बाद वनकर्मियों की सलाह पर ग्रामींण पूरी सर्तकता के साथ सामूहिक रूप से जंगल जा रहे हैं। मंगलवार देर रात भड़ौली निवासी अभिजीत, सुनील, राहुल, सचिन व अमित गन्ने की सिंचाई करने कार से गए थे।

असीलपुर फतेहपुर संपर्क मार्ग पर पहुंचते ही उन्हें गांव के ही शिवम के खेत में पड़े मैली के ढेर पर तेंदुआ बैठा दिखा। युवकों ने गाड़ी की लाइट के सहारे उसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। रात्री में ही नित्यानंदपुर निवासी नमन को एक तेंदुआ राजवाहे की पटरी पर बैठा दिखा। इस दौरान फतेहपुर निवासी हैप्पी ने खल्लासी के पास स्थित कुएं पर एक तेंदुआ खड़ा देखा।

दो तेंदुओं की वीडियो रात में ही बनाकर वायरल कर दी गई। हालांकि मंगलवार दोपहर में भड़ौली के ग्रामीणों ने संदिग्ध जानवर के चार शावक कुंवरपाल के खेत में देखे थे। जिनको ग्रामींण उठाकर घर ले गए और वनाधिकारियों को गांव बुलाकर दिखाया भी।

वनाधिकारी और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने उक्त शावक फिशिंग कैट के बताकर उन्हें पुन: उनकी थली पर रखवा दिया। बता दें तेंदुआ फिलहाल करीब एक सप्ताह से इस जंगल में दोबारा दिखने लगा है। इससे पहले फरवरी में दिखा था। उस वक्त इसकी धरपकड़ के लिए लगभग 15 दिन अभियान चला लेकिन सफलता नही मिली।

फजीहत पर जागे अफसर                                         

बात सच्चाई पर की जाए तो वनाधिकारियों ने तेंदुआ परिवार को पकड़ने के बजाय उसे यहां से लताड़ना चाहा। इसके लिए उन्होंने सिर्फ खानापूर्ति अभियान चलाया, स्थिति भांप चतुर तेंदुआ भूमिगत हो गया, लेकिन दिन बीतने के साथ जैसे ही पुरानी लोकेशन पर पुन: पहुंचा ग्रामीणों ने फिर से हीलाहवाली शुरू कर दी।

जिसके बाद विभाग की फजीहत होने लगी। फजीहत पर विराम लगाने के लिए वन संरक्षक गंगा प्रसाद के निर्देश पर एसडीओ सुनील मिश्रा, रेंजर जगन्नाथ कष्यप मौके पर पहुंच ग्रामीणों संग तेंदुए की लोकेशन टेस करने में लगे रहे।

तीन टीमें गठित, जल्द पकड़ा जाएगा तेंदुआ                                      

तेंदुए को किसान मित्र बताने वाले वनाधिकारियों की टीम बुधवार को गांव पहुंची और प्रधान दयाचंद सहित दर्जनों ग्रामीणों को लेकर तेंदुए की तमाम लोकेशन टेस की। फिर अफसरों को पूरे अभियान की बारीकी से जानकारी दी। डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि तेंदुए के निरंतर मूवमेंट, समय और लोकेशन की टेसिंग के लिए तीन टीमें बना दी गई हैं। इस बार पूरी तैयारी के साथ आप्रेशन चलाकर तेंदुआ शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।

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