Thursday, April 25, 2024
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मात्र 5000 में चकलाघर का लाइसेंस

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  • सुभारती के आसपास के ओयो होटल एक बार फिर हो गए गुलजार
  • होटल व ढाबों पर देर रात तक चलता है पीने पिलाने का दौर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सेटिंग-गेटिंग की जरूरत है और थोड़े से पैसे खर्च कीजिए और खोल लीजिए अपने घर में ही ओयो के नाम पर चकलाघर। ऐसा जानी थाना क्षेत्र के सुभारती चौकी के आसपास किया भी जा रहा है। यहां एक दो नहीं बल्कि करीब तीन दर्जन ओयो के नाम पर ऐसे ही चकलाघर चल रहे हैं। कहने को ये ओयो हैं लेकिन इनमें से कोई भी सराय एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं और न ही किसी पर फायर एनओसी व दूसरे लाइसेंस हैं। सारा काम सुभारती चौकी इंचार्ज धमेन्द्र के संरक्षण में चल रहा है।

एक बार फिर से हुए गुलजार

जानी थाना क्षेत्र के सुभारती पुलिस चौकी के इर्द-गिर्द जितने भी ओयो होटल हैं, वो एक बार फिर से गुलजार हो गए हैं। इतना ही नहीं आसपास के जितने भी छोटे मोटे होटल व ढाबे हैं, वहां भी खुलेआम पीने पिलाने का दौर चलता है। सुनने में तो यहां तक आया है कि सुभारती चौकी के एक दारोगा कप्तान के नाम पर कमरे तक खुलवाने को पहुंच जाते हैं। हाइवे पर अवैध ओयो होटलों की बात पुलिस महकमे से छिपी नहीं है।

कई बार यहां छापों में जिस्मफरोशी तक पकड़ी गयी है। कुछ समय पहले जब पुलिस ने सख्ती की थी तो जिस्मफरोशी के ठिकाने बने ओयो होटलो की रौनक गायब हो गयी थी, लेकिन एक बार फिर से ये तमाम ओयो होटल गुलजार हो गए हैं। कुछ का तो यहां तक कहना है कि किसी जमाने में जो हाल शहर का रेड लाइट एरिया माना जाने वाले कबाड़ी बाजार का था, वैसा ही कुछ हाल इन दिनों सुभारती के आसपास के ओयो होटलों का हो गया है।

अपना स्टाफ हैं रखते

सुनने में आया है कि कुछ ओयो होटलों में तो जिस्मफरोशी के शौकीन माने जाने वालों के लिए लड़कियां तक मुहैय्या करा दी जाती हैं। इस बात की पुष्टि यूं भी की जा सकती है कि पूर्व में जब पुलिस ने ओयो होटलों के खिलाफ अभियान छेड़ा था तो अनेक छापों में ग्राहकों के संग लड़कियां भी मिली थीं। इनमें कुछ छात्राएं भी बतायी गयी थीं।

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वैसे ज्यादातर ओयो होटलों में आने वाले अपने साथ ही लड़कियों के साथ पहुंचते हैं, लेकिन यह भी बताया जाता है कि जिनके पास सुविधा नहीं होती उनको ओयो होटल संचालक स्टाफ मुहैय्या करा देते हैं। यह कहानी किसी एक ओयो की नहीं है बल्कि सुभारती के आसपास जितने भी ओयो होटल चल रहे हैं उन सभी में यह रौनक देखी जा सकती है।

ढाबों में खुलेआम चलता है बार

सुभारती और हाइवे के बागपत फ्लाईओवर के जितने भी होटल व ढाबे हैं, वहां केवल खाना ही नहीं परसो जाता, बल्कि वहां खाना खाने आने वालों के लिए अवैध रूप से बार भी खोले हुए हैं। होता ये है कि जो भी वहां खाना खाने को पहुंचते हैं, वो अपने साथ पीने के लिए बोतल लेकर आते हैं। आमतौर में यहां ढाबों पर आने वालों में ज्यादातर लोग ग्रुप में पहुंचते हैं। खाने से पहले ये इन ढाबों पर शराब पीते हैं। कहने को तमाम ढाबों पर यहां शराब पीना सख्त मना है की तख्ती झूलती देखी जा सकती है,

लेकिन इस तख्ती पर लिखी इबारत की धज्जियां ढाबा संचालक ही उड़वा रहे होते हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस इन सब बातों से बेखबर हो। कई बार तो ऐसा भी देखने को आया है कि ढाबे में खुलआम अवैध रूप से शराब पिलाई जा रही होती है और पास ही पुलिस की लाल नीली लाइट वाली गाड़ी भी खड़ी रहती है। शाम ढलते ही जिस प्रकार से तमाम ढाबे अवैध बार में बदल जाते हैं। उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि यह पुलिस के संरक्षण के बगैर संभव नहीं।

  • कराएंगे जांच

सुभारती के आसपास ओयो या होटल ढाबों में कोई गैर कानूनी काम कराया जा रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। यदि कोई लिखित शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -संजय जायसवाल, सीओ सरधना

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