Monday, April 22, 2024
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कमेले के पुल पर लिंटर का काम पूरा

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  • 28 दिन बाद खोला जाएगा पूरा लिंटर, एक से डेढ़ माह बाद खुल जाएगा पूरा रोड

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पिछले कई महीनों से चले आ रहे पुराने कमेले के पास नए पुल के निर्माण कार्यों में तेजी आ गई है। यहां पर अब दोनों हिस्सों पर लिंटर डालने का काम पूरा कर लिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब एक से डेढ़ माह के बीच इस पुल पर यातायात सुचारु हो जाएगा। जो नया लिंटर डाला गया है वो 28 दिन बाद खोला जाएगा।

बताते चलें कि हापुड़ रोड सड़क चौड़ीकरण से पूर्व पुराने कमेले के के पास नया पुल चौड़ा करके बनाया जा रहा है। यह पुल कुल 64 मीटर का है इसके एक हिस्से पर पूर्व में ही स्लैब डाल दिया गया था जबकि दूसरा स्लैब भी बुधवार को पूरा कर लिया गया। पीडब्ल्यूडी के एई एससी शर्मा ने बताया कि पहले चरण में 27 मीटर हिस्से पर लिंटर डाला गया और चरण में 22 मीटर के हिस्से पर लिंटर डाला गया।

अन्तिम चरण में कुल बचे हुए 15 मीटर के हिस्से पर भी लिंटर डालने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई। एई के अनुसार अब 28 दिनों बाद लिंटर खोला जाएगा और अब एक से डेढ़ माह के भीतर इस पुल पर ट्रैफिक सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। जब से इस पुल पर निर्माण कार्य शुरू किया गया

तब से इस मार्ग पर चलने वाले आॅटो व ई-रिक्शा के अलावा अन्य बड़े वाहन या तो आरटीओ व शास्त्री नगर सेक्टर-11 तथा जैदी फॉर्म होते हुए हापुड़ रोड पर पहुंचते है या फिर पीवीएस रोड से गढ़ रोड होते हुए फिर हापुड़ अड्डे की तरफ आते हैं। जैदी फॉर्म व नौचंदी थाने के बाहर लगने वाले जाम से भी इस पुल के शुरू होने के बाद ही छुटकारा मिल पाएगा।

दोपहिया वाहनों के लिए शीघ्र खुल जाएगा कमेला पुल

हापुड़ रोड से होकर गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। यहां बनाए जा रहे कमेला पुल के निर्माण की कड़ी में 80 सेमी मोटाई का करीब 64 मीटर लंबा स्लैब डालने का काम विभाग ने छोटी दिवाली की रात पूरा कर लिया है।

अभी बने अस्थायी और संकरे मार्ग से होकर गुजरने वाले दोपहिया वाहनों के लिए पुल का एक भाग नवंबर के पहले सप्ताह में खोल दिया जाएगा। जबकि इस पुल के निर्माण का अधिकांश काम नवंबर माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि नेशनल हाइवे पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से मेरठ-हापुड़ हाइवे 334 पर जनवरी में जाकिर कॉलोनी चौकी के पास कमेला पुल के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। 64 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। ढवाईनगर नाले के पानी को डायवर्ट करने के लिए निर्माण इकाई ने ह्यूमपाइप लगाए, लेकिन खुदाई के दौरान नगर निगम के पम्पों की जलापूर्ति के लिए बिछाई गई लाइन सामने आ गई।

जिसकी वैकल्पिक व्यवस्था कराने तक काम को रोक देना पड़ा। जल निगम ने इस काम को पूरा करने में करीब ढाई महीने का समय लगा दिया। इस बीच कभी कांवड़ यात्रा तो कभी बरसात के बीच रुक-रुककर काम होता रहा और सितंबर माह आते-आते 64 मीटर में से करीब आधे पुल का निर्माण हो सका। वहीं ह्यूमपाइप ऊंचा करके लगाने के कारण नाले का पूरे पानी की निकासी ढवाईनगर की ओर नहीं हो सकी।

जिसके चलते कांच का पुल, अहमदनगर और श्यामनगर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्ले लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। एनएच पीडब्ल्यूडी गाजियाबाद खंड के अवर अभियंता तेज प्रताप सिंह ने बताया कि कमेला पुल निर्माण की प्रक्रिया में स्लैब डालने का काम दीपावली की रात में पूरा कर लिया गया है। स्लैब को अच्छे से सूखने के लिए 28 दिन का समय लग जाता है।

क्योंकि स्लैब की मोटाई 80 सेंटीमीटर रखी गई है, लेकिन दोपहिया वाहनों की सुविधा के लिए एक पखवाड़े के भीतर यानि नवंबर माह के पहले सप्ताह में इस पुल का एक भाग खोल दिया जाएगा। जिससे वर्तमान में लोहे के संकरे अस्थायी पुल पर हर समय लगे रहने वाले दोपहिया वाहनों के जाम से निजात मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि पुल का शेष निर्माण और पैरापिट वॉल बनाने का कार्य नवम्बर के अंत अथवा दिसंबर के आरंभ तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिसके बाद इस क्षेत्र से लोगों की आवाजाही में होने वाली परेशानी का स्थायी रूप से समाधान हो सकेगा। वहीं ऊंचा करके डायवर्जन के लिए लगाए गए ह्यूमपाइप के स्थान पर पुल के नीचे से नाले के पानी की निकासी हो सकेगी, जिससे निचले इलाकों में होने वाली जलभराव की समस्या भी दूर हो सकेगी।

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