- फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया
- चढ़त के दौरान हुई आतिशबाजी बनी विलेन, मची भगदड़
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: इसे सुखद संयोग ही कहा जाएगा कि चढ़त के दौरान हुई आतिशबाजी से उठी चिंगारी से हाइवे स्थित ग्रेंड 5 रिसार्ट का एक हॉल आग की भेंट चढ़ गया, लेकिन जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। जिस जगह आग लगी उससे चंद कदमों की दूरी विवाह और सगाई के कार्यक्रम हो रहे थे।

आग लगते ही भगदड़ मच गई। बाराती और वधू पक्ष के लोग जान बचाकर भागने लगे। सूचना मिलने पर कंकरखेड़ा पुलिस और फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया। आग के कारण अफरातफरी का माहौल बन गया।

दिल्ली देहरादून हाईवे पर स्थित ग्रेंड 5 रिसार्ट में पूर्व पुलिस उपाधीक्षक सुरेन्द्र सिंह तेवतिया की बेटी आकांक्षा की शादी अलीगढ़ निवासी विश्वेन्द्र से हो रही थी। दोनों पक्ष के लोग खुशी के माहौल में सराबोर थे। रिसार्ट के बाहर चढ़त की तैयारी चल रही थी।
तभी आतिशबाजी शुरु हो गई। देखते देखते आसमान पर रंगबिरंगे पटाखे और उनसे निकलने वाली चिंगारियां देखकर लोग खुश हो रहे थे तभी आंधी आने लगी और आतिशबाजी के दौरान एक पटाखा रोमी हाउस पर जाकर गिरा और देखते देखते आग लग गई और पल भर में मंजर बदलने लगा और जर्मन हैंगर का पंडाल होने के कारण पल भर में आग की तेजी से उठ रही लपटों ने पूरे पंडाल को अपने आगोश में ले लिया।

जिस जगह आग लगी उस जगह कोई कार्यक्रम नहीं हो रहा था। उससे चंद कदमों की दूरी पर विवाह और दूसरी जगह सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। आग देखकर लोग दहशत में आ गए और सैकड़ों की तादाद में लोग जान बचाकर भागने लगे। देखते देखते शादी का माहौल दहशत में बदल गया। पल भर में ग्रेंड 5 पूरी तरह से खाली हो गया।
आग इस कदर भीषण थी कि आग की लपटें आसमान को ललकार रही थी। पंड़ाल में रखे सात गैस सिलेंडर भी फट गये, किस्मत की बात थी कि उस वक्त आसपास कोई नहीं था। आग की सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय, सीओ दौराला आशीष मिश्रा और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सुबोध सक्सेना आदि भी पहुंच गये।

आग बुझाने के लिये आठ गाड़ियों की मदद ली गई और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।वहीं, इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी, संतोष कुमार राय का कहना है कि ग्रेंड 5 रिसार्ट में आतिशबाजी के कारण आग लगी थी। समय रहते फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। आग से जनहानि कोई नहीं हुई।
शादी का कार्यक्रम पड़ोस के मंडप में
आग के कारण अफरातफरी मचने और रह रहकर लपटें निकलने के कारण ग्रेंड 5 के बगल के रिसार्ट कोसोवा में कार्यक्रम ट्रांसफर कर दिया गया। उस वक्त असमंजस की स्थिति पैदा हो गई जब इस मंडप में पहले से ही कार्यक्रम चल रहा था। काफी देर तक दोनों कार्यक्रमों के मेहमान एक दूसरे से पूछकर वास्तविकता जानने को लेकर परेशान रहे।
थोड़ी-सी लापरवाही विक्टोरिया पार्क कांड दोहरा देती
ग्रेंड 5 रिसार्ट में आग को बुझाने के उचित प्रबंध होते तो आग पर काबू पा लिया जाता लेकिन जिस तरह से आतिशबाजी से आग लगी और देखते देखते आग ने विकराल रूप धारण किया उसको देखकर लग रहा था कि अगर यह आग दस कदम की दूरी पर लगती तो काफी लोग उसकी चपेट में आ सकते थे। जर्मन हैंगर आग को तुरंत पकड़ता है और विक्टोरिया पार्क कांड में भी प्लास्टिक और जर्मन हैंगर ने ही तबाही मचाई थी जिसमें 65 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक लोग गंभीर जख्मी हुए थे।

