Wednesday, February 21, 2024
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मेयर बदला, क्या बदलेगें मेरठ की सड़कों के हालात

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  • महानगर की अधिकतर सड़कें जर्जर, नवनिर्वाचित मेयर जनता की अपेक्षाओं पर क्या उतरेंगे खरे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगर की कई सड़कों की हालत बेहतर खराब है। सड़कों में गड्ढे नहीं साहब गड्ढों में सड़क दिखाई नहीं देती, यहां तक की यदि कहीं है तो सड़क के नाम पर बिना तारकोल की सड़क के रूप में सड़क पर बजरी फैली दिखाई दे सकती है। महानगर में अधिकतर सड़कों का सही बुरा हाल है। यहां तक की कई भाजपा व अन्य पार्टियों के नेताओं के आवास एवं कार्यालयों के बाहर सड़के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

जिन पर चलना राहगीरों के लिये मुसीबत का सबब बन गया है। मेरठ कैंट हो या फिर मेरठ सिटी क्षेत्र अधिकतर सड़कों का सही सूरत-ए-हाल है कि सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। लोगों को नए मेयर से अपेक्षाएं तो अपार है, लेकिन देखना होगा कि वह कितनी परी होती है या फिर मेयर पद पर जीत के बाद पूर्व मेयरों की तरह से ही विकास के नाम पर केवल जनता को खोकला आश्वासन मिलता रहेगा,

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हालांकि लोगों को भाजपा के मेयर हरिकांत अहलूवालिया से काफी उम्मीदें है। कई भाजपा नेताओं के वार्ड की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। इतना ही नहीं कैंट क्षेत्र के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के कार्यालय के ठीक सामने एवं भैंसाली ग्राउंड के निकट सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। हापुड़ बस अड्डे से टीपीनगर के रास्ते पर सड़क कई वर्षो से टूटी पडी है। जाकिर कॉलोनी हो या रशीद नगर में भी सड़कों का यही हाल है।

कई जगहों पर सड़कों पर जलभराव होने के कारण टूटी हैं। तो कहीं नव निर्माण भी घटिया निर्माण सामंग्री के चलते सड़क के बनते ही उखडने लगता है,ठीक जैसे नौचंदी मेले के दौरान बनाई सड़क 24 घंटे के भीतर ही उखड गई थी। पुरानी सड़कों की मरम्मत एवं नई सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर भी नवागत मेयर को ध्यान देना होगा,

ताकि जो भी सड़कें भविष्य में बने उनमें योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टायरलेंस नीति के अंतर्गत निर्माण हो ताकि सड़के बनने के बाद कुछ दिनों के लिये तो चल सकें,ऐसा न हो कि सड़क इधर बन रही है,और उधर फिर से टूटने लगे। लोगों को उमीद है,कि ट्रिपल इंजन की सरकार में बेहतर सड़कों का जाल महानगर मे बिछेगा।

निगम में ट्रिपल इंंजन की सरकार, नवागत मेयर से अपेक्षाएं अपार

जनता की निगम के नव निर्वाचित ट्रिपल इंजन की सरकार में मेयर से बहुत कुछ अपेक्षाएं हैं। जिसमें मेयर क्या उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे या फिर पांच वर्ष पूर्व की भांति ही योजनाओं की भांति ही विकास कार्य कराने के नाम पर केवल आश्वासन ही देंगे। क्योंकि पूर्व में भाजपा के मेयर के पास एक बहाना था कि प्रदेश में उनकी पार्टी की सत्ता नहीं है, लेकिन इस बार वह बहाना भी नहीं चलेगा।

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जिसके चलते इस बार जनता नवागत मेयर से बहुत कुछ अपेक्षाएं रखती है। जिसमें अब तो नगर निगम में ट्रिपल इंजन की सरकार बन गई, यदि इस बार भी विकास कार्यो पर भाजपा के मेयर खरे नहीं उतरे तो शायद भविष्य में बनने वाला कोई मेयर ही जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके। भाजपा नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाती रही। साथ ही पूर्व मेयर पर महानगर में विकास नहीं कराने का आरोप लगाती रही। अब ट्रिपल इंजन की सरकार से महानगर की जनता की अपेक्षाएं भी अपार हैं।

भाजपाइयों ने निगम में कई बड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए

  • नगर निगम के वार्ड-35 में सड़क निर्माण में बडे घोटाले का आरोप लगा, भाजपा के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, शिकायत पर मामले में जांच बैठी। जांच में निर्माण विभाग के अवर अभियंता व अन्य कई दोषी भी पाए गये, लेकिन कार्रवाई के नाम पर वह फाइल दबकर रह गई। क्या भाजपा सांसद द्वारा जो घोटाले का आरोप लगाया गया था उस पर नवागत मेयर संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करायेंगें या मामले में दोषी पर कार्रवाई को कोई एक्शन लेंगे।
  • मेला नौचंदी में निर्माण कार्य हों या फिर अन्य ठेकों के मामले, भाजपाइयों के द्वारा अक्षर उनमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते रहे हैं। शिकायतों पर जांच में निगम के अधिकारी एवं ठेकेदार की लापरवाही भी सामने आई, लेकिन कार्रवाई फाइलों में दब गई, क्या ऐसी फाइलों की दोबारा से जांच कराकर दोषी ठेकेदार या निगम कर्मचारी पर एक्शन लेंगे।
  • गांवड़ी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना नवनिर्वाचित मेयर हरिकांत अहलूवालिया की पूर्व की योजना में हुई थी, लेकिन अभी तक पूरी तरह से संचालन नहीं। वहीं, लोहिया नगर में वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण प्लांट के साथ ही गांवड़ी में 1-1-2017 को पूर्व आयुक्त मेरठ मंडल मेरठ आलोक सिन्हा व गत योजना में मे हरिकांत अहलूवालिया एवं तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला, नगरायुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाह, मुख्य अभियंता कुलभूषण वार्ष्णेय के द्वारा शिलान्यास किया गया था। जिसमें 15 एकड़ भूमि में बने इस वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट करोड़ों रुपये खर्च किये गये, लेकिन प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो सका और अवैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण किया जा रहा है। इस मामले में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं, क्या इस तरह के मामलों में नवागत मेयर एक्शन लेंगे और वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण करायेंगे?

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  • नगर निगम के कई ऐसे कर्मचारी हैं, जोकि निगम के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हैं और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाते रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से एक गाड़ी चालक गफ्फार को 15 वर्षों में एक बार वेतन मिलने का मामला चर्चित रूप से चल रहा है, क्या ऐसे मामलों पर संज्ञान लेकर उनका भी समाधान नवागत मेयर प्राथमिकता पर करायेंगे?
  • 23 कर्मचारियों की फर्जी नियुक्ति का मामला वर्षों से चला आ रहा है। जिसमें शिकायतकर्ता कोई और नहीं बल्कि निगम के पूर्व मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह रहे हैं। मामला सीबीसीआईडी तक जा पहुंचा, लेकिन निगम के अधिकारियों की तरफ से संतोषजनक रिपोर्ट अभी तक मुख्यमंत्री पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराई गई। जिसकी शिकायत निगम पूर्व मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी लगातार कर रहे हैं। क्या ऐसे विवादित मामले पर भी निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करायेंगे नवागत मेयर?
  • जाकिर कालोनी में एक 30 मीटर की सड़क बनी थी और 54 मीटर का पैसा निकाल लिया गया। इस मामले की जांच चल रही है। उधर, यह तो मात्र पांच मुद्दे ऐसे हैं, जोकि हाल फिलहाल के हैं,जिसमें इन मामलों को भाजपाईयों के द्वारा ही पूर्व में उठाया गया था। वहीं नवागत मेयर जोकि ट्रिपल इंजन की सरकार में बने हैं। क्या वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टारलेंस नीति को लागू कर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर एक आदर्श नगर निगम के रूप में प्रदेश में पहचान बनाएंगे या फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे उनके सामने भी उठते रहेंगे। फिलहाल ट्रिपल इंजन की सरकार में मेयर बने हरिकांत अहलूवालिया से जनता की अपेक्षाएं अपार हैं।
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