Saturday, June 22, 2024
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मेयर-नगर आयुक्त और पार्षदों ने तलाशी संभावनाएं

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  • मल्टीलेवल पार्किंग को टाउन हॉल के विकल्प की तलाश
  • डफरिन के साथ रेन बसेरे पर भी बनाई जा सकती है पार्किंग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: टाउन हॉल में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का मसला नगर निगम अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। भाजपाई और गैर भाजपाई पार्षदों के आमने-सामने आने से मामला और पेचीदा होता जा रहा है। ऊपर से यह भी खौफ है कि हाईकोर्ट से किसी तरह की अवमानना का मामला न बन जाए।

नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक से पूर्व महापौर सुनीता वर्मा, नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष व पार्षदों के साथ कई स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग की संभावनाएं तलाशीं।

मल्टीलेवल पार्किंग का मसला नगर निगम के लिए जी का जंजाल बन चुका है। टाउन हॉल में पूरी तैयारी से मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए नगर निगम ने मुकम्मल तैयारी कर ली थी। गत दिनों हुई कार्यकारिणी की बैठक में मौजूद भाजपा पार्षदों ने इस मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया।

उन्होंने इस बात पर सख्त आपत्ति जताई कि टाउन हॉल जैसी ऐतिहासिक इमारत को खतरे में डालकर यहां पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव किसकी मर्जी और दबाव पर पास कर दिया गया है। बैठक में मौजूद भाजपा के सात पार्षदों ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया।

इसके बाद जब यह बात व्यापारी नेताओं को लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया तथा टाउन हॉल को मल्टीलेवल पार्किंग के लिए सबसे उपयुक्त जगह बताते हुए यहीं पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का अल्टीमेटम दिया। उनके समर्थन में कार्यकारिणी के गैर भाजपाई पार्षद भी आ गए।

इस तरह से कार्यकारिणी के पार्षदों में टकराव होने की प्रबल संभावनाएं बन गर्इं है। अब नगर निगम कार्यकारिणी की 18 अगस्त बुधवार को बैठक होनी है।

इसमें मल्टीलेवल पार्किंग पर कोई हंगामा न हो, यही सोचकर मंगलवार को महापौर सुनीता वर्मा, नगर आयुक्त मनीष बंसल, नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष व सर्वदलीय पार्षद दल नेता रंजन शर्मा, पूर्व पार्षद शाहिद अब्बासी, इदरीस आदि ने टाउन हॉल के साथ-साथ मल्टीलेवल पार्किंग की संभावनाएं तलाशीं।

सबसे पहले नगर निगम मुख्यालय जोन में बैंक की पुरानी व जर्जर बिल्डिंग को देखा गया। सर्वदलीय पार्षद दल नेता रंजन शर्मा ने कहा कि बैंक की यह बिल्डिंग बहुत ही जर्जर तथा हवा महल बनी हुई है। इसकी मियाद भी पूरी हो चुकी है तथा भविष्य में यह बड़े हादसे का सबब बन सकती है।

इसके सामने स्पेस भी अधिक है तथा डबल एंट्री होने से यहां जाम की संभावनाएं भी नहीं बनेंगी। इसके साथ टाउन हॉल के पीछे रेन बसेरा स्थल को देखा गया। पार्षद शाहिद अब्बासी के कहने से जिला महिला चिकित्सालय में भी मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जमीन की तलाश की गई।

महापौर सुनीता वर्मा ने बताया कि हमने कई स्थल चिह्नित किए हैं। बुधवार को होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी तथा जिस स्थल के लिए सबकी सहमति बन जाएगी, वहीं के लिए मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा जाएगा।

पहले बजट 25 करोड़ और अब 40 करोड़

शहर में पिछले आठ साल से मल्टीलेवल पार्किंग के नाम पर सिर्फ तमाशा हो रहा है। सबसे पहले सपा सरकार में वर्ष-2014 में कैंट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी स. परविन्दर सिंह ईशु ने इसके लिए एमडीए बोर्ड से प्रस्ताव पास कराया था। उन्होंने बाकायदा 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव खुद लखनऊ जाकर शासन से अनुमोदित कराकर पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त अवमुक्त भी करा ली थी।

तब बीएवी क्रीड़ा स्थल हापुड़ अड्डा, राजकीय इंटर कालेज के क्रीड़ा स्थल, काठ का पुल का पटाव करके उसके ऊपर तथा टाउन हॉल में संभावनाएं देखीं, लेकिन कहीं भी सहमति न बन सकी। अब कार्यदायी संस्था नगर निगम मल्टीलेवल पार्किंग बनवाना चाहती है। उसने बाकायदा बजट बढ़ाकर चालीस करोड़ का बनाया है।

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