Sunday, May 26, 2024
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एमडी पावर के आदेशों का उड़ा रहे फ्यूज

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  • अफसरों पर लग रहे उपभोक्ताओं से टीजी-टू की मार्फत अवैध वसूली के आरोप
  • कठोर चेतावनी के बाद भी टेक्नीशियन ग्रेड-टू की आफिस में ड्यूटी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक की सख्त मनाही के बाद भी टेक्नीशियन ग्रेड-टू की न केवल आफिस में ड्यूटी लगायी जा रही है, बल्कि इसको लेकर कुछ अफसरों पर उपभोक्ताओं से टीजी-टू के जरिये अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी तमाम ऐसे टीजी-टू हैं जिनकी ड्यूटी बजाय तकनीकि कामों में लगाने के उन्हें दफ्तर में बैठाकर बिजली के बिल जमा कराए जा रहे हैं या फिर उपभोक्ताओं के कनेक्शन संबंधित कार्य लिए जा रहे हैं।

इसको लेकर संविदा कर्मचारियों ने भी नाराजगी जतायी है। उनका कहना है कि एमडी के आदेशों के बावजूद टीजी-टू से इस प्रकार कार्य का लिया जाना गंभीर है। हैरानी तो इस बात कि है कि एक सीनियर आईएएस अधिकारी ने भी महकमे के जिन टीजी-टू को लिपिकीय कार्य में लगाया गया है उनके जरिये धन उगाही का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाए जाने का आग्रह एमडी पावर से किया है।

टीजी-टू से लिपिकीय कार्य न लिए जाने मसलन आफिस में उनकी ड्यूटी न लगाए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के उच्च पदस्थ अधिकारियों के स्तर से समय-समय पर आदेश जारी किए गए हैं। पूर्व में तत्कालीन मुख्य अभियंता संजय आनंद जैन ने अधीक्षण अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. के अफसरों को भेजे पत्र में अधिशासी अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड विक्टोरिया पार्क मेरठ के एक पत्र का हवाला देते हुए आदेशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टीजी-टू संवर्ग का कोई भी कर्मचारी कार्यालय से संबद्ध न किया जाए।

जांच के दौरान किसी भी टीजी-टू को कार्यालय से संबंद्ध किए जाने की पुष्टि पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीवीवीएनएल के एक अधिक्षण अभियंता राजीव माहेश्वरी ने भी पूर्व में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एमडी के आदेशों का हवाला देते हुए मुख्य अभियंता वितरण पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. के मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, मुरादाबाद, सहारनपुर, के समस्त अधीक्षण अभियंता अंतर्गत पीवीवीएलएल डिस्काम को आदेशित किया कि जीटी-टू से कार्यालय में कार्य लेने पर मनाही को लेकर जो आदेश किए गए हैं,

उनका सख्ती से पालन किया जाए। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक एके पुरवार ने भी पूर्व में टीजी-टू से लिपिकीय कार्य न कराए जाने के संबंध में प्रदेश भर के सभी डिस्काम के प्रबंध निदेशकों को एक पत्र लिखा था, लेकिन उसके बाद भी लगातार टीजी-टू से लिपिकीय कार्य कराए जाने को लेकर तमाम शिकायतें मिल रही हैं।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की एक अन्य निदेशक अर्पणा यू भी प्रदेश भर के विद्युत वितरण निगमों के एमडी को पत्र लिखकर टीजी-टू से लिपिकिय कार्य न कराए जोन को लेकर आदेशित कर चुकी हैं। साथ ही टीजी-टू से लिपिकीय कार्य कराए जाने पर चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जो स्टाफ लिपिकीय कार्य के नाम पर नियुक्त किया गया है, वह भी अपने कार्य से विमुख होगा। यह गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

13 दिसंबर का अधिशासी अभियंता का पत्र

प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड लखनऊ के 4 नवंबर 2023 के आदेश का उल्लेख करते हुए अधिशासी अभियंता ने टीजी-टू को लेकर ओटीएस के एक कैंप में लापरवाही के संदर्भ का उल्लेख करते हुए अंकुश यादव नाम के टीजी-टू को सस्पेंड कर ने के आदेश जारी किए हैं। जानकारों का कहना है कि टीजी-टू को लेकर इतना ज्यादा हो हल्ला व बबाल होने के बाद भी तमाम ऐसे आफिस हैं जहां टीजी-टू से लिपिकीय कार्य लिया जा रहा है।

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