जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश के तीसरे नंबर का मीट निर्यातक एचएमए ग्रुप 40 देशों को मीट के 99 तरह के उत्पादों का निर्यात करता है। कागजों पर ग्रुप का टर्नओवर तो अरबों में है, लेकिन मुनाफा बेहद कम दिखाया गया है। लगातार 5 सालों के टर्नओवर, बैलेंस शीट और आयकर रिटर्न की जांच के बाद दिल्ली आयकर विभाग ने बसपा के पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो के एचएमए ग्रुप पर यह कार्रवाई की। जो कागजात प्रतिष्ठानों से मिले हैं, उनमें बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट में निवेश, कच्चे बिल, पशुओं के कटान और राजनीति से लोगों से जुड़े भुगतान का ब्योरा मिला है।
आगरा छावनी क्षेत्र से पूर्व बसपा विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो का ग्रुप 40 देशों को मीट का निर्यात करता है। आगरा में कुबेरपुर स्लॉटर हाउस और उन्नाव में दही औद्योगिक क्षेत्र स्थित एओवी स्लॉटर हाउस में 99 तरह के मीट उत्पादों को तैयार किया जाता है। हर दिन 599 मीट्रिक टन मीट प्रोसेस करने की क्षमता है। ग्रुप ने अपनी वेबसाइट पर ये दावे किए हैं। लेकिन अनुपात में मुनाफा कागजों में कम दिखाया है।
छावनी से एक बार बने हैं विधायक
जुल्फिकार अहमद भुट्टो आगरा छावनी विधानसभा से साल 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। वर्ष 2012, 2017 में चुनाव हार गए। वह लोकसभा चुनाव में साल 2014 में फिरोजाबाद से भी लड़ने गए, पर बाद में चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। वह सपा सरकार के दौरान सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के सामने बसपा से खड़े हुए थे, लेकिन ऐन वक्त पर चुनाव नहीं लड़ा। प्रकरण की काफी चर्चा रही थी।

बेटी की भव्य शादी की रही थी चर्चा
भुट्टो ने हाल में ही ताजनगरी स्थित बैंक्वेट हॉल में बेटी की शादी की थी। इसे आगरा की सबसे महंगी शादियों में से एक माना गया। खासतौर पर जिस तरह के इंतजाम किए गए थे, वह आगरा में पहली बार हुए। एक करोड़ रुपये से ज्यादा के फूल ही इस शादी में इस्तेमाल करने की चर्चा थी। तोहफों की कीमत भी करोड़ों में थी। बेटी की इस भव्य शादी के बाद से पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो फिर चर्चा में आ गए।
ऑरिजिन ऑफ एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट सबसे ज्यादा
आगरा में लेदर फुटवियर का 5 हजार करोड़ रुपये का निर्यात है, लेकिन ऑरिजिन ऑफ एक्सपोर्ट के सर्टिफिकेट सबसे ज्यादा जुल्फिकार अहमद भुटृटो की एचएमए ग्रुप को जारी किए जाते हैं। नेशनल चैंबर की आय का सबसे बड़ा जरिया एचएमए ग्रुप है, जहां से सबसे ज्यादा सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। किसी भी देश में निर्यात के लिए उस वस्तु पर यह सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।

अल नूर एक्सपोर्ट्स पर भी आयकर छापा
एचएमए के साथ मेरठ के अल नूर एक्सपोर्ट्स पर भी आयकर का छापा डाला गया। अल नूर कंपनी दिल्ली सफदरजंग निवासी अजय सूद की कंपनी है, जिसका कोल्ड स्टोर जेल रोड मेरठ में मिक्की हाउस के नाम पर है। आयकर विभाग को हवाला कारोबार के कई सबूत यहां मिले हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मीट का निर्यात कर रही इस कंपनी के पास हवाला ट्रांजेक्शन से पैसा आ रहा है। मीट का एक्सपोर्ट भारी मात्रा में किया जा रहा है। बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आई धनराशि बहुत कम है। पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर तीन साल पहले 2018 में कंपनी पर सील लगा दी गई थी, जो बाद में खोल दी गई।

