Tuesday, February 17, 2026
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बगैर एचओडी के चल रहा मेडिकल का नेफ्रोलॉजी विभाग

  • डा. अरविंद द्विवेदी के सहारनपुर जाने के बाद से मेडिसिन विभाग के जिम्मे
  • फिलहाल एलएलआरएम से अटैच किया गया है डा. अरविंद को दोबारा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एलएलआरएम मेडिकल का नेफ्रोलॉजी विभाग बगैर एचओडी के संचालित हो रहा है। यहां जो भी पेशेंट आ रहे हैं उनकी जिम्मेदारी फिलहाल मेडिकल के मेडिसिन विभाग के ही डाक्टर देख रहे हैं, मेडिसिन के डाक्टर ही यहां मेडिकल की नयी बिल्डिंग पीएमएसएसवाई में आने वाले पेशेंट की फाइल भी तैयार कर रहे हैं।

दरअसल नेफ्रोलॉली विभाग का अब तक कान्टेक्ट यानि बॉड पर काम करने वाले जो डा. इंद्रजीत मोमीन ही जिम्मा संभाल रहे थे बताया गया है कि उनका बॉड न जाने किन कारणों से आगे नहीं बढ़ सका, जिसके चलते पिछले करीब तीन से चार माह से पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में नेफ्रोलॉजी के जो भी पेशेंट आ रहे हैं उनको मेडिसिन के डाक्टर ही अटैंड कर रहे हैं।
इससे पूर्व की यदि बात की जाए तो नेफ्रोलॉजी विभाग डा. अरविंद त्रिवेदी संभाल रहे थे। वो एचओडी थी।

लेकिन बाद में उनको शासन ने प्रिंसिपल बनाकर सहारनपुर मेडिकल कालेज की जिम्मेदारी सौंप दी गई। लेकिन कुछ समय पहले करीब आठ माह पूर्व शासन ने बाद में उन्हें दोबारा मेडिकल भेज दिया। लेकिन जहां तक पेशेंट की फाइल तैयार करने का मामला है सुनने में आया है कि वो काम अभी भी मेडिकल के मेडिसिन के ही डाक्टर कर रहे हैं। इस संबंध में मेडिकल प्राचार्य व मीडिया प्रभारी से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।

मेडिकल में कर्मचारी नेता से चेन लूट

एलएलआरएम मेडिकल कालेज कर्मचारी एसोसिएशन के एक पदाधिकारी से बीते शुक्रवार को कुछ युवकों ने चेन लूट ली और फरार हो गए। कर्मचारी नेता ने तुरंत सीओ सिविल लाइन तथा थाना मेडिकल पर लूट की सूचना दी। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर मेडिकल स्टाफ में कुछ लोगों ने लूट का शिकार हुए कर्मचारी नेता को लेकर कुछ और ही अफवाह उड़ा दी थी। वहीं दूसरी ओर मेडिकल पुलिस का कहना है कि मामला मारपीट का है

और बाद में समझौता कर दिया गया। मेडिकल इमरजेंसी में डयूटी करने वाले यह कर्मचारी नेता बीती रात करीब 11 बजे किसी समारोह से लौटकर आ रहे थे। मेडिकल कैंपस में पहुंचने पर वह लघुशंका के लिए रुक गए। उसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और मारपीट कर गले से चेन खींचकर फरार हो गए। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गयी। सीओ सिविल लाइन को भी अवगत कराया। कुछ ही देर में मौके पर मेडिकल पुलिस पहुंच गयी।

कई घंटे भाग दौड़ने के बाद देर रात पुलिस ने कर्मचारी नेता को उनसे लूटी गयी चेन को वापस कर दिया। वहीं दूसरी ओर इस मामले में पुलिस ने किसी प्रकार की लिखा पढ़ी नहीं की है। पुलिस का कहना है कि दो पक्षों में वैसे ही मारपीट हो गयी थी। आपसी समझौता हो गया है। इस बीच सूत्रों ने जानकारी दी है कि मेडिकल के इस कर्मचारी नेता की जब चेन बरामद हो गयी

तो उन्होंने खुद ही लिखा पढ़ी करने से मना कर दिया। वहीं दूसरी ओर घटना को लेकर मेडिकल परिसर में कुछ और ही अफवाह उड़ती रही। यह भी सुनने में आया कि मेडिकल की इमरजेंसी के पास इस कर्मचारी नेता को पुलिस ने किसी थर्ड जेंडर के साथ पकड़ा। हालांकि मेडिकल पुलिस ने इससे साफ इंकार किया है।

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