Tuesday, April 23, 2024
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चोरी के मोबाइलों का सुरक्षित ठिकाना बना मेरठ

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  • कुख्यात शरद गोस्वामी के गिरोह के अलावा भी कई गैंग लुटवा रहे मोबाइल
  • विदेशों तक बेचे जाते हैं बाइक सवार बदमाशों के द्वारा लूटे गए मोबाइल
  • हजारों मोबाइल हो चुके बरामद, चोरी का सिलसिला बरकरार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जब तक लोगों ने कुख्यात मोबाइल तस्कर शरद गोस्वामी का नाम नहीं सुना था तब तक लोगों को विश्वास नहीं था कि क्रांतिधरा मोबाइल चोरों और मोबाइल लुटेरों की सुरक्षित कर्मस्थली बन गई है। ब्रह्मपुरी के शरद गोस्वामी के पास से बरामद सैकड़ों मोबाइलों और पकड़े गए बदमाशों से पता चला था कि मेरठ में लूटे या चोरी हुए मोबाइल विदेशों में बेचे जाते है। दो दिन पहले पुलिस ने तीन सौ से अधिक मोबाइल बरामद कर इस अभिशाप को और पुख्ता कर दिया है।

बाइक सवार मोबाइल लुटेरों का आतंक हमेशा से रहा है। समाजवादी पार्टी की सरकार में मोबाइल लुटेरों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा था। भाजपा शासन में जब लुटेरों के पैरों में पुलिस ने गोली मारना शुरू किया तो मोबाइल लूट की घटनाओं में 60 से 77 फीसदी की कमी आ गई थी, लेकिन मोबाइल चोरी की घटनाओं में वृद्धि हो गई थी। इस कारण पुलिस ने बार बार मोबाइल लुटेरों को पकड़ कर काफी तादाद में मोबाइल बरामद किये हैं। अगर 2019 की बात की जाए तो पुलिस ने कुख्यात तस्कर शरद गोस्वामी को गिरफ्तार कर उसके पास से 280 मोबाइल बरामद किये थे।

शरद के साथ उसके सात साथी भी गिरफ्तार किये गए थे। गैंग चोरी के मोबाइल फोन तस्करी कर नेपाल, बैंकॉक, चीन जैसे देशों में बेच दिया करते थे। ये गैंग ठक-ठक गैंग के नाम से संचालित होता था। गैंग दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित दक्षिणी भारत के कई राज्यों में सक्रिय था। यह गिरोह बड़े बड़े आयोजनों में लोगों को अपना निशाना बनाता था और महंगे फोन या तो चोरी कर लेता था या फिर लूट की वारदात कर फरार हो जाता था।

गिरोह का सरगना शरद गोस्वामी के अलावा राहुल उपाध्याय, अफजल राणा, रहीस, शाहरुख मलिक, मोहम्मद राशिद, फुरकान शेख, अफजल शेख, शाहरुख और मोहम्मद चांद शामिल है। मोबाइल लूट में हाईवे टॉप पर चल रहा है। बाइक सवार बदमाशों का हाइवे पर आतंक है, जिस कारण लोग हाइवे पर फोन आने पर फोन उठाने से भी कतरा रहे हैं। पलक झपकते ही बदमाश मोबाइल छीन कर भाग जाते हैं। पिछले, कुछ दिनों में कई लोगों से मोबाइल लूट की घटना हो चुकी है। परतापुर, कंकरखेड़ा और दौराला थाना क्षेत्र की पुलिस मोबाइल लुटेरों को पकड़ नहीं पा रही है।

जिस कारण लोगों को नुकसान हो रहा है। आसपास के जनपदों में मोबाइल लूटकर मेरठ में भाग कर बदमाश आ रहे हैं क्योंकि यहां पर शरद गोस्वामी का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। कंकरखेड़ा पुलिस ने जिस तरह से मोबाइल चोरों को पकड़ कर उनसे 300 से अधिक मोबाइल बरामद किये हैं। उससे साबित हो गया है कि वेस्ट यूपी में कहीं भी मोबाइल चोरी हो या लूटा जाए उसके तार मेरठ से जरुर जुड़े पाए जाएंगे। दरअसल, चोरी के मोबाइल खपाने के लिये कुछ दुकानें भी अहम रोल अदा कर रही है। इन दुकानों में चोरी के मोबाइलों के पार्टस आसानी से मिल जाते हैं।

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