Sunday, January 25, 2026
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मेरठ की बेटी के हिस्से आएगा अर्जुन अवार्ड

  • प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए नामित किए जाने से पारुल के परिजन बेहद खुश
  • भाई राहुल ने कहा-ये हम सबके लिए, खेल जगत के लिए गौरव के क्षण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ की बेटी ने एक बार फिर मेरठ की सरजमीं को गौरवान्वित किया है। देश के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड के लिए एथलीट पारुल चौधरी को नामित किया गया है यानि मेरठ की बेटी होगी अब अर्जुन अवार्डी।
पारुल को इस प्रतिष्ठत अवार्ड के लिए नामित किया जाना समूचे खेल जगत के लिए खुशियों की सौगात जैसा है। इकलौता गांव की इस प्रतिभावान एथलीट नें चीन में हुए एशियाई खेलों में धमाकेदार प्रदर्शन करके वाहवाही लूटी थी।

पारुल ने 3 दिन में दो पदक भारत की झोली में डाले थे। पहले पारुल ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता और उसके दो दिन बाद कमाल का प्रदर्शन करते हुए 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। अब कृष्णपाल सिंह की इस होनहार बेटी के हिस्से दूसरी बड़ी उपलब्धि आई है। उन्हें अर्जुन अवार्ड के लिए नामांकित किया गया तो परिजन खुशी से झूम उठे। पारुल इन दिनों बेंगलूर में कोचिंग कैंप में हैं। उनके भाई राहुल कुमार के अनुसार ये हम सब के लिए, पारुल के प्रशंसकों के लिए खुशी के क्षण हैं।

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रोशिबिना ने दिए वुशु को गर्वीले पल

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एशियाई खेलों में वुशु में रजत पदक जीतने वाले रोशिबिना देवी भी अर्जुन अवार्ड के लिए नामित, भारतीय वुशु संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बाजवा ने कहा-ये गौरवान्वित करने वाले पल, एशियाई खेलों में चीफ डी मिशन भूपेंद्र सिंह बाजवा बोले- रोशिबिना आगे भी करेगी देश का नाम रोशन उम्मीदों के फूल खिलते हैं, लेकिन उसके लिए सपनों को हकीकत में तब्दील करने का माद्दा चाहिए। कुछ एसी ही कहानी है वुशु खिलाड़ी रोशिबिना की।

मणिपुर की रहने वाली इस जांबाज खिलाड़ी को भी इस बार अर्जुन अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है। रोशिबिना देवी ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। इससे पहले यह प्रतिभावान खिलाड़ी एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में देश के लिए सोना जीत चुकी है। जकार्ता एशियाई खेलों में इस खिलाड़ी ने कांस्य पदक जीता था।

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रोशिबिना की इस उपलब्धि पर उसके कोच कुलदीप हांडू गदगद हैं तो वहीं भारतीय वुशु संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बाजवा ने भी इस क्षण को गर्व से भर देने वाला पल करार दिया है। 11 साल से वुशु में महारथ हासिल करने के लिए पसीने बहाने वाली रोशिबिना के पिता किसान हैं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को खेलों की दुनिया में आगे ले जाने के लिए तमाम मुश्किलें झेली, लेकिन वुश संघ से मिली इमदाद और बेहतर कोचिंग व्यवस्था ने उनकी बेटी को अंतर्राष्ट्रीय स्टार में तब्दील कर दिया। रोशिबिना की इस सफलता पर एशियाई खेलों के चीफ डी मिशन और भारतीय कुश्ती फेडरेशन की तदर्थ कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा ने भी खुशीजाहिर करते हुए इस खिलाड़ी को भविष्य का स्टार बताया है और कहा है कि वह देश का नाम ओलंपिक में भी रोशन करेंगी।

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