Thursday, April 2, 2026
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खुदा के दर पर हाजिरी में ‘एबसेन्ट’ ज्यादा

  • इस बार होगा हज ए अकबरी, फिर भी हज यात्रियों का टोटा
  • महंगाई व कोरोना ने फेरा अकीदतमंदों की उम्मीदों पर पानी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ‘लब्बैक अल्ला हुम्मा लब्बैक’ यानि ‘मैं हाजिर हूं, ऐ अल्लाह मैं हाजिर हूं’। खुदा के दरबार में जब हज यात्री पहुंचते हैं तो उनकी जुबां पर यहीं रवानगी होती है। दुनिया भर से लाखों लोग हर साल बकरीद के मौके पर हज की अदायगी के लिए खुदा के घर का दीदार करते हैं,

लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना और अब महंगाई ने ज्यादातर हज की चाह रखने वाले लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कोविड की बंदिशों व इस बार हज मंहगा होने से खुदा के घर का दीदार करने वालों की संख्या में खासी गिरावट आई है।

दरअसल, कोविड से पहले दुनिया भर से लगभग 70 लाख लोग हज के लिए सऊदी अरब पहुंचते थे। इस बार यह संख्या 10 लाख तक ही सिमट कर रह गई है। अकेले भारत से लगभग दो लाख लोग हज की अदायगी के लिए जाते थे जो इस बार 80 हजार से भी कम है।

हज कमेटी के पूर्व सदस्य काजी जैनुल राशेदीन के अनुसार इस बार हज-ए-अकबरी (जुमे का हज) हैं जो कई कई सालों में आता है बावजूद इसके हज यात्रियों का टोटा है। बकौल काजी राशेदीन जहां पहले एक व्यक्ति दो से ढाई लाख रुपये में हज कर लेता था। वहीं इस बार साढ़े चार से पांच लाख रुपये में हो रहा है।

हज यात्रियों के लिए यह है कोरोना गाइडलाइन

भारत से जाने वाले प्रत्येक हज यात्री को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरुरी होगा। इसके लिए उसका 72 घंटे पहले किया गया कोरोना टेस्ट निगेटिव होना चाहिए। इसके साथ साथ प्रत्येक हज यात्री को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना भी जरुरी कर दिया गया है।

21 की जगह अब सिर्फ 10 शहरों से ही उड़ानें

कोरोना काल से पहले देश भर के 21 शहरों से हज यात्रियों के लिए उड़ानें होती थीं, लेकिन इस बार सिर्फ 10 शहरों से ही हज यात्री सऊदी अरब के लिए रवाना किए गए हैं। इन 10 शहरों में दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ, अहमदाबाद, बेंगलूरु, श्रीनगर, गुवाहाटी व कोच्चि शामिल हैं।

सऊदी सरकार ने घटाया भारत का कोटा

सऊदी सरकार भारत के लिए इस बार 79 हजार 237 हाजियों का कोटा तय किया है। इनमें 56 हजार 601 हज यात्री हज कमेटी आॅफ इण्डिया व 22 हजार 636 हज यात्री प्राइवेट टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसियों के माध्यम से हज के लिए सऊदी पहुंच चुके हैं।

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