Wednesday, May 20, 2026
- Advertisement -

ज्ञान बटोरने से अधिक सच्चाई टटोलने का वक्त

Nazariya 1


Sonam lakhwanshiकौन बनेगा करोड़पति’ शो के नए सीजन के प्रोमो में फेक-न्यूज को लेकर एक विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इतने बड़े शो में इस मुद्दे जिक्र होना आसान बात नहीं है। पर, यदि फेक-न्यूज की बात यहां हो रही है, तो समझा जा सकता है कि मसला कितना गंभीर है। खबरों में झूठ की मिलावट करके उसे बेचना प्रतिद्वंदिता का एक फंडा हो सकता है, लेकिन खबरों की दुनिया में यह गलत परंपरा है। दरअसल, फेक-न्यूज खबरों के उस माध्यम की देन है, जहां खबरों की मारधाड़ ज्यादा है। लेकिन, इससे प्रिंट मीडिया अब तक बचा रहा, इसलिए कि उसके पास खबरों की सत्यता की पुष्टि के लिए पर्याप्त समय होता है। इसके साथ ही छपे शब्दों की विश्वसनीयता भी ज्यादा होती है। यही कारण है कि प्रिंट मीडिया में खबरों के साथ इस हद तक खिलवाड़ नहीं होता कि उस पर फेक-न्यूज का ठप्पा लगे। यदि ऐसा कुछ होता भी है, तो वो सहज, स्वाभाविक मानवीय गलती तक सीमित होता है, न कि पूरी खबर ही झूठ की बुनियाद पर खड़ी होती है। केबीसी के सीजन-14 का एक प्रोमो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। इस प्रोमो में बताया गया है कि फेक न्यूज कैसे पूरे समाज को भ्रमित करता है।

दुनिया ने जिस तेजी से तरक़्की की है, फेक न्यूज का चलन भी उसी तेजी से बढ़ा है। ये सच है कि मीडिया देश दुनिया के सभी वर्गों को बाखबर करता है। समाज इसके माध्यम से न केवल सूचनाएं प्राप्त करता है बल्कि इन सूचनाओं से अपनी समझ का स्तर भी बढ़ाता है। लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि बाजारवाद के बढ़ते चलन ने इस क्षेत्र को भी कलंकित करने में कोई कोर कसर नहीं छोडी है। प्रतिस्पर्धा के दौर में झूठ भी खूब परोसा जाने लगा है। एक समय था कि फिल्मों को लोग गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन आज न्यूज चैनलों की भी यही दुर्दशा हो रही है। खबरों की विश्वसनीयता नहीं बची है। यही वजह है कि अब सिनेमा से जुड़े लोग ज्ञान को बटोरने से पहले सच को टटोलने की सलाह केबीसी के प्रोमो के माध्यम से दे रहे हैं। ऐसे में सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जमाना कितना बदल गया है और हमारा समाज किस दिशा में बढ़ चला है।

कार्ल मार्क्स ने एक समय धर्म को अफीम की संज्ञा दी थी। वर्तमान दौर में ये कहें कि सोशल मीडिया नए युग का अफीम है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। सोचने वाली बात है कि जिस देश में सबसे बड़ी आबादी युवा वर्ग की हो, जिन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। देश के विकास में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। आज उसी देश के युवा फेक न्यूज के वायरस से ग्रसित है। फेक न्यूज के जरिए देश में अशान्ति फैलाई जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इस तकनीकी युग में वही खबरें क्यों तेजी से वायरल होती हैं, जिनका सच से कोई सरोकार ही न हो? कहीं न कहीं यह सरकार की नाकामी का भी परिणाम है। सरकारी तंत्र के पास फेक न्यूज को रोकने के लिए एक समुचित तंत्र का न होना अपने आपमें बड़े सवाल खड़े करता है, लेकिन जिस दौर में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर ही असमंजस की स्थिति हो। फिर फेक न्यूज पर रोक कैसे संभव हो सकती है।

सरकार फेक न्यूज पर लगाम लगाने के मार्फत कई बार अपने विरोधी स्वर को भी दबा सकती है। तो वहीं विपक्ष जानबूझकर कई बार ऐसा आरोप लगा सकता है जिससे सरकार की छवि धूमिल हो। ऐसे में आज की स्थिति दोधारी तलवार जैसी हो गई है। सरकार फेक न्यूज को लेकर कदम उठाएं तो दिक़्कत और न उठाएं तो समाज भ्रमित हो रहा सो अलग। वैसे टीआरपी के इस खेल में खबरों का सच्चाई से कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। लेकिन आज भी प्रिंट मीडिया की खबरों में प्रमाणिकता है। यही वजह है कि लोग आज भी अखबारों को बड़े चाव से पढ़ते है।

गौरतलब हो कि फेक न्यूज एक तरह की पीत पत्रकारिता (यलो जर्नलिज्म) है। जिसे किसी एक व्यक्ति या पार्टी के पक्ष में खबरें चलाने प्रचार करने या भ्रम फैलाने के लिए किया जाता है। भारत में जिस तेजी से सोशल मीडिया का चलन बढ़ा है, उससे भी तेज गति से फेक न्यूज का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया आम आदमी की पहुंच में तो आ गया है, पर दूसरी तरफ यह समाज में अराजकता फैलाने का साधन बन गया है। गरीब शोषित वर्ग के लिए एक समय पर यह अपनी बात जनमानस तक पहुचाने का जरिया था। लेकिन वर्तमान समय में सोशल मीडिया के जरिए समाज में भय का माहौल बनाया जा रहा है। यही वजह है कि जब कभी देश में हिंसा का माहौल बनता है तो सबसे पहले सरकारों को इंटरनेट बंद करना पड़ता है, ताकि समाज में झूठी खबरें प्रसारित होने से रोकी जा सकें।

इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च आॅन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशन्स के आंकड़ों की मानें तो भारत दुनिया में सबसे ज्यादा बार इंटरनेट बंद करने वाला देश है। अभी हाल ही में नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दिए विवादित बयान के बाद कई राज्यों में उपद्रव हुए। झारखंड की राजधानी रांची में उपद्रव बढ़ा तो 33 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया। वर्तमान की घटनाओं पर नजर डालें तो देखेंगे कि सोशल मीडिया के बढ़ते चलन के साथ ही फेक न्यूज का दायरा भी बढ़ गया है।

हर सच्ची झूठी खबर को तोड़ मरोड़ कर पेश करना तो मानो फैशन बन गया है, जिसमें हर वर्ग के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए सरकार को कोई ठोस कदम उठाना होगा वरना वह दिन दूर नहीं जब विज्ञान वरदान की जगह अभिशाप बन जाएगा। समाज के विनाश का टूल बनकर रह जाएगा। इसे रोकने की
जरूरत है।


janwani address 9

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Gold-Silver: डॉलर की तेजी से सोना-चांदी की कीमतें गिरीं, 1% से अधिक की गिरावट

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों...

UP News: सपा मुख्यालय पर पोस्टर विवाद, भाजपा सरकार पर पीडीए आरक्षण घोटाले के आरोप

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में...
spot_imgspot_img