Tuesday, December 7, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutराधना में फिर एनआईए की छापेमारी, थमाया नोटिस

राधना में फिर एनआईए की छापेमारी, थमाया नोटिस

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  • पांच घंटे चली कार्रवाई, दो घरों पर एक साथ मारा छापा

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: अवैध हथियार सप्लायरों को लेकर राधना एक बार फिर एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के निशाने पर आ गया है। मंगलवार को एनआईए ने कई राज्यों की पुलिस टीमों के साथ राधना के दो मकानों में एकसाथ दबिश देकर घंटों सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी तो हाथ नहीं लगे मगर टीमें दोनों घरों से कुछ सिम व कागजात लेकर रवाना हो गईं।

मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एनआईए टीम हरियाणा, चंडीगढ़ व महिला पुलिस को साथ लेकर लगभग आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों से राधना पहुंची। यहां दो टीमों के रूप में एनआईए व पुलिस ने ललियाना मार्ग स्थित जलीस और खिलाफत के मकानों पर एकसाथ छापामारी की।

दोनों मकानों के दरवाजे अंदर से बंद कर टीमों ने सर्वप्रथम महिलाओं के मोबाइल कब्जे में लिए। फिर महिलाओं को अलग कमरे में भेजकर उनके पास महिला सिपाहियों को छोड़ दिया। इधर, महिला सिपाही महिलाओं से पूछताछ करती रहीं।

उधर, टीम के अन्य सदस्य मकानों में सघन तलाशी अभियान चलाते हुए सेफ, संदूक, डबल बेड समेत अधिकतर सामान को बारीकी से खंगाल डाला। लगभग पांच घंटे चले तलाशी अभियान के बाद एनआईए कुछ सिम व कागजात लेकर अपने गंतव्य को रवाना हो गई।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस जलीस और खिलाफत के बेटे अकबर उर्फ सोनी की तलाश में राधना पहुंची थी, लेकिन कोई भी हत्थे नहीं चढ़ा। एनआईए अकबर सोनी के परिजनों को एक नोटिस थमा गई है। जिसमें सोनी को एनआईए की जांच के दायरे में बताते हुए आठ अक्टूबर को चंडीगढ़ बुलाया है।

नोटिस के तहत एनआईए वहां सोनी से गत 10 जून को उसके विरुद्ध चंडीगढ़ में दर्ज हुए धारा 386, 387, 397, 400 व 115 के अलावा एनडीपीएस एक्ट की धारा 25(6), 25(7) और आर्म्स एक्ट 10, 11, 16 व 18 बी के बारे में पूछताछ करेगी। इस बाबत इंस्पेक्टर किठौर अरविंद मोहन शर्मा का कहना है कि विवेचना के लिए एनआईए राधना पहुंची थी।

तो आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मोड्यूल्स का गढ़ बन गया वेस्ट

मुजफ्फरनगर से अमरोहा तक सिलसिलेवार छापेमारी कर रही एनआईए
किठौर के राधना, कायस्थ बड्ढा, मुंडाली के जिसौरा हस्तिनापुर के दूधली रामराज हापुड़ के वैठ अठसैनी में कार्रवाई कर चुकी एनआईए

तीन बरस से सिलसिलेवार हो रही एनआईए की छापामार कार्रवाई इशारा कर रही है कि वेस्ट यूपी का देहात आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मॉडूल्स का गढ़ बन चला है। वेस्ट में मुजफ्फरनगर से अमरोहा तक एनआईए छापेमारी कर कई ऐसे संदिग्धों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जिन पर आतंकी संगठनों को हथियार सप्लाई का आरोप है।

मेरठ के किठौर में आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मॉडूल्स की बात करें तो यहां सर्वप्रथम 26 दिसंबर 2018 को राधना निवासी नईम पुत्र हाफिज मुनकाद के घर पर एनआईए ने उसके रिश्तेदार हापुड़ के वैठ निवासी साकिब को साथ लेकर छापा मारा था। साकिब सिंभावली नहर पुल से पकड़ा गया था।

 

नईम और साकिब पर अमरोहा के मौलवी सुहेल के जरिए आतंकी संगठन हरकत-उल हर्बे इस्लाम को अवैध हथियार सप्लाई का आरोप था। छापेमारी के दौरान तो नईम हाथ नहीं आया मगर बाद में स्थानीय पुलिस की सख्ती पर उसे तीन जनवरी को किठौर में एनआईए के हवाले कर दिया गया।

पूछताछ के बाद जिसके बाद पांच जनवरी को एनआईए नईम को लेकर पुन: राधना पहुंची और यहां मतलूब, महबूब, आरिफ के घर छापा मारा, लेकिन मिला कुछ नहीं। टीम यहां से सिम और कुछ कागजात ले गई। इसके बाद एनआईए ने मुंडाली के जिसौरा निवासी मौलवी अफसर पुत्र सरफराज को सात जनवरी को नोटिस भेज दिल्ली बुलाया।

नहीं पहुंचने पर 12 जनवरी को जिसौरा मेंं छापेमारी कर उसके भाई भूरे को उठा लिया। जिसके बाद अफसार को एनआईए को सौंपा गया। बताते हैं कि अफसार का नाम भी 26 दिसंबर को ही साकिब से पूछताछ में सामने आया था। अफसार साकिब का दोस्त था।

डेढ़ साल बाद एनआईए ने राधना निवासी जावेद को हापुड़ से गिरफतार किया। उस पर खालिस्तानी आतंकी संगठनों को हथियार सप्लाई का आरोप था। गत 10 जुलाई को एनआईए ने किठौर के कायस्थ बड्ढा निवासी आसिफ के घर छापा मारा। बताया गया कि यहां से टीम को कई संदिग्ध सामान हाथ लगे।

टीम यहां से भी संदिग्ध सामान के अलावा सिम और कुछ कागजात ले गई। इसी दिन दूसरी छापेमारी एनआईए ने हस्तिनापुर के दूधली और रामराज में की थी। दूधली के संदिग्ध मंगल को पूछताछ के लिए भी कई बार बुलाया था। जिससे मंगल अवसाद में आया और उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

इसी दिन मुजफ्फरनगर में भी छापेमारी हुई। इन लोगों पर भी खालिस्तानी आतंकियों को हथियार सप्लाई का आरोप था। एनआईए की हो रही ताबड़तोड कार्रवाई ने वेस्ट को संदेह की डगर पर लाकर छोड़ दिया है। खास बात यह है कि एनआईए द्वारा पकड़े गए अधिकतर संदिग्धों का स्थानीय पुलिस के पास अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

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