Wednesday, April 29, 2026
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पुलिस के रिकॉर्ड में एक भी स्पा सेंटर नहीं

  • आरटीआई में 12 थानों ने दिया जवाब
  • गली-गली में सज रहे स्पा सेंटर के बोर्ड

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगरों में पिछले कुछ सालों में मसाज व स्पा सेंटर्स का ट्रैड इस कदर हावी हो चुका है कि शहर के अधिकतर सभी प्रमुख बाजारों, कालोनियों और कॉम्पलैक्स में मसाज व स्पा सेंटर्स लगातार खुलते जा रहा हैं। एक ये कारोबार है, जिसकी संख्या लगातार शहर में बढ़ रही है, लेकिन इस कारोबार पर किसी विभाग की नजर है ही नहीं या कहें कि नजर डालना नहीं चाह रहे हैं,

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जबकि नियमानुसार मसाज व स्पा सेंटर की भी अनुमति या एनओसी थाना पुलिस से लेनी होती और साथ ही यूनानी व आयुर्वेदिक विभाग द्वारा मानकों की जांच के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। लेकिन दोनों ही विभागों की इन सेंटर्स की सुध नहीं है। यह खुलासा खुद थाना पुलिस ने आरटीआई के जवाब में दिया है कि उनके क्षेत्र में किसी स्पा व मसाज सेंटर को एनओसी जारी नहीं गई है और स्पा सेंटर हैं ही नहीं।

12 थाना प्रभारियों ने कहा-नहीं है स्पा सेंटर

गौरतलब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने शहर में मसाज सेंटर की आड़ में लगातार बढ़ रहे अवैध कारोबार की जानकारी लेने के लिए एसएसपी कार्यालय से 20 जून को पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। गत दिनों इस आरटीआई का जवाब तो सूचना अधिकारी द्वारा दिया गया

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लेकिन सूचना का जवाब इतना आश्चर्य चकित करने वाला था कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ गया। आरटीआई के जवाब में जनपद के 12 थाना प्रभारियों ने अपने क्षेत्र में एक भी मसाज या स्पा सेंटर को एनओसी जारी करने या सेंटर होने से इंकार कर दिया, जबकि शहर के अधिकतर थाना क्षेत्रों जगह जगह स्पा व मसाज सेंटर खुलेआम संचालित हो रहे हैं।

फैक्ट

  • इन थानों से मिला जवाब-ब्रह्मपुरी, परतापुर, टीपीनगर, देहलीगेट, कोतवाली, लालकुर्ती, सदर बाजार, मेडिकल, लिसाड़ीगेट, कंकरखेड़ा, दौराला, सिविल लाइन, पल्लवपुरम।
  • शहर मे मेडिकल, शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा, मंगलपाडेयनगर, बेगमपुल, सदर, आबूलेन क्षेत्र में दो साल के दौरान करीब सौ से अधिक स्पा सेंटर खुल चुके हैं।

देह व्यापार के सेटर बने मसाज सेंटर

असल में मसाज व स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का कारोबार चलाया जा रहा है। इसलिए इन मसाज सेंटर में स्पा या मसाज सेंटर के एक भी मानक पूरे नहीं होने के बाद भी इनका संचालन जारी है। इसके लिए सबसे पहले आयुर्वेद विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके साथ नगर निगम से हेल्थ ट्रैड लाइसेंस लेना अनिवार्य और पुलिस द्वारा एनओसी जरुरी है। लाइसेंस आयुर्वेद में डिप्लोमाधारक युवतियों के सर्टिफिकेट के आधार पर मिलता है।

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आयुर्वेदिक तरीके से थेरेपी देकर लोगों की मसाज करने और हर्बल प्रोडक्ट का उपयोग करने लिए लाइसेंस की अनिवार्यता है। लाइसेंस का कोई शुल्क नहींं होता। वहीं, आयुर्वेद विभाग के अनुसार भी शहर में अब तक एक ही स्पा सेंटर को ही लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।

ये है नियम

  • स्पा और मसाज सेंटर के परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की यौन गतिविधियों को शामिल करना प्रतिबंधित है।
  • पुरुषों की मालिश सिर्फ पुरुष और महिला की मालिश महिलाएं ही करेंगी।
  • पुरुष और महिलाओं के लिए सेंटर में अलग-अलग एंट्री गेट होंगे।
  • सेंटर में सेल्फ क्लोजिंग दरवाजों की व्यवस्था होनी अनिवार्य है।
  • वर्किंग आवर्स के दौरान मसाज/स्पा सेंटरों के बाहरी दरवाजे खुले रखने अनिवार्य होंगे।
  • सेंटर में आने वाले सभी ग्राहकों के लिए आईडी कार्ड दिखाना जरूरी होगा।
  • फोन नंबर और आईडी प्रूफ सहित उनकी डिटेल रजिस्टर में दर्ज करनी होगी।
  • स्पा/मसाज सेंटर के कमरे में लाइट की समुचित व्यवस्था करनी होगी।
  • स्पा/मसाज सेंटर परिसर का उपयोग आवासीय उद्देश्यों के लिए नहींं किया जाएगा।
  • सेंटर में काम करने वालों के लिए फिजियोथेरेपी/एक्यूप्रेशर या आॅक्यूपेशनल थेरेपी में डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • सेंटर को हाउसकीपिंग स्टाफ सहित सभी कर्मचारियों का विवरण एक रजिस्टर में रखना होगा।
  • इस ट्रेड के लिए सभी कर्मचारियों की आयु कम-से-कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • स्थानीय निकाय स्पा/मसाज सेंटर को हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी करने से पहले परिसर का सत्यापन करेगा।
  • साथ-साथ स्पा/मसाज सेंटर के मालिक/प्रबंधक का पुलिस सत्यापन होना अनिवार्य है।
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