Tuesday, June 25, 2024
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मेडिकल में अब काले पीलिया की भी जांच

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  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने किया कोबास मशीन का शुभारंभ

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एलएलआरएम मेडिकल में अब मरीज काले जानलेवा समझे जाने वाले काले पीलिया की भी जांच करा सकेंगे। रविवार को इस सुविधा का लोकार्पण राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने किया। इस मौके पर प्रचार्य डा. आरसी गुप्ता भी मौजूद रहे। मेडिकल कालेज के मीडिया प्रभारी डा. वीडी पांडेय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रिय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम अंर्तगत मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कला पीलिया (हेपेटाइटिस बी और सी) की जांच के लिए नई मशीन कोबास 5800 की स्थापना की गई है।

जिसका शुभारंभ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन, प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। डा. अमित गर्ग आचार्य एवं विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बताया कि मेडिकल कालेज ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रिय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम अंर्तगत मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में नाको द्वारा स्थापित एचआईवी की जांच के लिए स्थपित मशीन में ही हेपेटाइटिस बी और सी (एचसीवी, एचबीएसएजी) की जांच की जा रही थी।

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चूंकि एआरटी सेंटर मेडिकल कालेज मेरठ में मेरठ मंडल तथा सहारनपुर मंडल के मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से एचसीवी, एचबीएसएजी वायरल लोड की जांच के लिए मरिजों को रिपोर्ट के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती थी परंतु कोबास 5800 की स्थापना के पश्चात मरीजों को कला पीलिया की रिपोर्ट जल्दी मिल पाएगी। प्रधानाचार्य डा. आर सी गुप्ता ने भारत सरकार का नई मशीन की स्थापना के लिए आभार व्यक्त किया तथा डा. अमित गर्ग, डा. पीपी मिश्रा, डा. सोनल जिंदल, कार्वी अग्रवाल एवम समस्त माइक्रोबायोलॉजी विभाग को बधाई दी।

डा. गुप्ता ने यह भी बताया कि मेडिकल कालेज मेरठ की माइक्रोबायोलॉजी ने कोविड काल में कोरोना की जांच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया था। मैं आशा करता हूं कि निकट भविष्य में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला जनहित में निरंतर कार्य करती रहेंगी। इस अवसर पर एसीएमओ डा. अशोक तालियान, डा. सीमा जैन, डा. ज्ञानेश्वर टोंक, डा. रचाना चौधरी, डा. प्रीती सिंह, डा. लोकेश सिंह, कपिल राणा, माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में कार्यरत लैब तकनीशियन, कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी डा. वीडी पांडेय ने बताया कि इस मशीन के बाद अब मरीजों को भटकना नहीं पडेÞगा।

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