जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: नगर व क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास जयंती का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनया गया । इस अवसर पर नगर के साथ ही गाँवो में भी शोभायात्राओ का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में शामिल झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।
शनिवार को नगर व क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती परंपरागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाई गई । इस अवसर पर नगर के साथ ही क्षेत्र के कई गांवों में भी शोभा यात्रा निकाली गई।

शोभायात्रा में शामिल झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रही। नगर के मोहल्ला शाचन्दन स्थित अंबेडकर धर्मशाला से शुरु हुई शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए मोहल्ला पतियापडा स्थित रविदास धर्मशाला पहुंचकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में चल रहे अखाड़े के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। नगर के नेहरु चौक पहुंचने पर शोभा यात्रा की आयोजक रविदास समिति द्वारा बिरादरी के चौधरियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
नगर के साथ ही ग्राम स्याऊ में संत शिरोमणि रविदास समिति के तत्वाधान में शोभायात्रा निकाली गई । गांव स्थित रविदास धर्मशाला में पूजा अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा में शामिल शंकर पार्वती ,राधा कृष्ण व मां काली की झांकी आकर्षण का केंद्र रही, क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर सिमली में भी संत रविदास जयंती के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका धनोरा के चेयरमैन राजेश सैनी ने फीता काटकर किया। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए पालिका अध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि गुरु रविदास जी का जन्म वाराणसी में हुआ था । आज इनका 643 वा जन्मदिवस है। इनके पिता राजनगर राज्य में सरपंच हुआ करते थे । गुरु रविदास जी एक महान संत दार्शनिक कवि समाज सुधारक थे।
रविदास जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिये कलम का सहारा लिया था।रविदास जी को बचपन से ही अलौकिक शक्तियां मिली हुई थी। रविदास जी लोगों को संदेश देते थे कि धरती पर सभी का समान अधिकार है। उन्होंने लोगो से संत रविदास के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की। कार्यक्रमो को सफल बनाने में शुभम, अनुज, बलबीर सिंह, मोहित, रितेश कुमार, विकास, अरुण कुमार, अविनाश कुमार, सोनू कुमार, नीलेश कुमार, संतोष कुमार आदि का अहम योगदान रहा।

