Saturday, December 4, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsShamliसमय से ऑफिस न आने पर अधिकारी का काटें वेतन: राजमौलि

समय से ऑफिस न आने पर अधिकारी का काटें वेतन: राजमौलि

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  • शिकायतों का निस्तारण न होने पर मंडलायुक्त नाराज
  • विकास कार्यों को अपेक्षित गति प्रदान करें: एवी मौली

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: जनपद के नोडल अधिकारी तथा मंडलायुक्त सहारनपुर एवी राजमौलि ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई है। साथ ही, लक्ष्य के सापेक्ष विकास कार्यों को अपेक्षित गति प्रदान करने और समय से आफिस न आने वाले अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।

जनपद के नामित नोडल अधिकारी तथा मंडलायुक्त सहारनपुर एवी राजमौलि कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार की देर रात तक चली जनपद में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा कर रहे थे। जनपद में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने मंडलायुक्त को जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के प्रकरण में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

किसानों से लगातार वार्ता की जा रही है। इसके अतिरिक्त अवैध शराब, ड्रग्स आदि के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है। साथ ही, विवादों के दृष्टिगत लगातार मनिटरिंग की जा रही है। आयुक्त ने थाना समाधान दिवस को संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में प्रभावी बनाए जाने के साथ-साथ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर आदि में कुर्की की कार्रवाई तथा महिलाओं से संबंधित घटनाओं में संवेदनशीलता बरते जाने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उप निदेशक कृषि डा. शिव कुमार केसरी ने जानकारी दी कि जनपद में 84 हजार 266 किसानों को16 करोड़ 85 लाख 32 हजार की धनराशि प्रधानमंत्री द्वारा बटन दबाकर हस्तांतरित की गई। इस पर मंडलायुक्त ने योजना का लाभ मिलने वाले किसानों से जिलाधिकारी की वार्ता कराए जाने के निर्देश दिए। जिला उद्योग विभाग के अधिकारी से तीन माह में जनपद में स्थापित किए उद्योगों की जानकारी ली।

साथ ही, विद्युत विभा की समीक्षा के दौरान विद्युत संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान आयुक्त द्वारा पशु चिकित्साधिकारी से गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं जन सहभागिता के तहत दिए गए पशुओं के संबंध में जानकारी की जिस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जन सहभागिता के तहत 896 के सापेक्ष 1055 गोवंश को पशु पालकों को दिए गए हैं।

आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान के दौरान डाक्टरों की उपस्थिति तथा दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा एंबुलेंस समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, लाभार्थीपरक योजना में पात्र को अधिक से अधिक अच्छादित करने के लिए कहा है। इसके अलावा जनपद के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप आयोजित कर विकलांगों के सर्टिफिकेट बनाए जाने के निर्देश दिए।

बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को रोस्टर के अनुसार ग्रामों में शिक्षकों को भेजकर बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए ताकि बच्चे पढ़ाई से वंचित ना रहे। इसके अलावा आयुक्त द्वारा ने समस्त स्कूलों में स्वच्छ पेयजल एवं जहां पर कोई समस्या है, उसे दुरुस्त करने के यह निर्देश दिए गए।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा चलाए जा रहे पोषण मिशन कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा गोद दिए गए कुपोषित ग्रामों और कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की जानकारी की। इसके अलावा मंडलायुक्त ने अ समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन में लाभार्थियों को भेजी जा रही किश्त की जानकारी की।

मंडलायुक्त ने लक्ष्य के सापेक्ष कार्यों को गति देते हुए समय से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने ने आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण संतोषजनक न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्ता परक निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी शिकायतकर्ता के स्थान पर स्वयं को महसूस करें और फिर सोचें। मंडलायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय में समय से उपस्थित रहकर जन समस्याएं सुनें। निरीक्षण के समय यदि कोई अधिकारी अनुपस्थित पाया जाता है तो उसका उसका वेतन काटा जाए। साथ ही, जो अधिकारी जनपद में संबंधित विभाग के लिए अटैच किए गए हैं वो अधिकारी अपने निर्धारित दिन जनपद में रहे। बिना जिलाधिकारी की अनुमति के जिले से बाहर ना जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मंडलायुक्त को 50 लाख या उससे अधिक धनराशि की अधिक लागत की परियोजनाओं के संबंध में अवगत कराया। सीडीओ ने बताया कि कुछ परियोजनाएं धन अभाव के कारण पूर्ण होने में समय लग रहा है। धन आवंटन के लिए पत्राचार किया जा रहा है।

धन आवंटित होते ही परियोजना को त्वरित गति से पूर्ण किया जाएगा। मंडलायुक्त ने भूमाफियाओं, अवैध कब्जा, विद्युत, राशन शौचालय, आवास, पेंशन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन के दृष्टिगत सड़कों को गड्ढा मुक्त करना, ट्यूबवैल का पानी खेत तक जाने सहित अन्य प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इस अवसर जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, एडीएम अरविंद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, कृषि उप निदेशक डा. शिवकुमार केसरी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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