Wednesday, April 1, 2026
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सोते रहे अधिकारी और अवैध बिल्डिंग हुई खड़ी

  • आवास विकास अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा खेल
  • कार्रवाई के इंतजार में सैकड़ों अवैध निर्माणों की सूची

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: या तो अधिकारी नासमझ होने का नाटक कर रहे हैं, या फिर उनकी मिलीभगत होगी, तभी आवासीय क्षेत्र में धड़ल्ले से व्यावसायिक निर्माण खड़े होते रहेंगे। वह भी एक दो नहीं, बल्कि सिरे से जब तादाद सैकड़ों अवैध निर्माणों तक पहुंच जाती है। तब साफ जाहिर होता है कि अवैध निर्माणों पर अधिकारियों की खुली शह मिली है। तभी इस तरह के कारनामे अंजाम दिये जा सकते हैं। आवास-विकास अधिकारियों की नाक के ठीक नीचे बड़ी तादाद में अवैध बिल्डिंगों की बाढ़ आ गई है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। शिकायतों के पुलिंदे अधिकारियों के दफ्तरों में पड़े धूल फांक रहे हैं। अब तो नागरिकों ने इन अवैध निर्माण पर कार्रवाई न होते देख इसे मुकद्दर मान लिया है।

आवास विकास परिषद की लापरवाही के चलते शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गए हैं। हालत यह है कि आवास एवं विकास परिषद को तीन हजार अवैध निर्माण की सूची प्राधिकरण को सौंपे हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक एक भी अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नही हो सकी है। हालांकि मेडा ने अपने दायरे में आने वाले अवैध निमार्णों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, आवास विकास अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के नाम पर केवल नोटिस तक सीमित है। लगातार बढ़ रहे अवैध निमार्णों की प्रशासन और शासन तक शिकायतों के बाद आवास एवं विकास परिषद की ओर से को अवैध निर्माणों की सूची भेजी बनाई गई थी।

इस सूची में करीब तीन हजार अवैध निर्माणों को चिन्ह्ति किया गया था। सूची में शास्त्री नगर, जागृति विहार, माधवपुरम आदि क्षेत्र में 2973 अवैध निर्माण शामिल है। इनमें रिहायशी क्षेत्र में अवैध अस्पताल, शोरूम, रेस्टोरेंट्स व्यवसायिक गतिविधियां और दुकानें शामिल हैं, लेकिन आवास विकास ने महज सूची भेजकर अपनी खानापूर्ति कर दी है और सीलिंग का अधिकार ना होने का बहाना बनाकर कार्रवाई से बचे हुए हैं. जहां आवास विकास को कार्यवाही नही करनी होती वहां मेडा के पाले में गेंद फेंक दी जाती है। आवास विकास की ओर से अवैध निर्माण पर कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित है।

स्थिति यह है कि आवास विकास के शास्त्रीनगर स्थित मुख्य कार्यालय से 500 मीटर की दूरी पर ही एफ ब्लॉक में कुटी के पास डिलीशियस बेकरी, मधु नर्सिंग होम के बराबर में अवैध कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-2 में हरिया लस्सी के सामने अवैध कॉम्प्लेक्स, डी ब्लॉक पुलिस चौकी के सामने अवैध भवन, शास्त्रीनगर मेन मार्केट में अवैध कॉॅम्प्लेक्स समेत दर्जनों बड़े अवैध निर्माण तेजी से चल रहे हैं। इसके अलावा आवास विकास चौराहे पर अवैध रेस्टोरेंट बॉक्सी और केसर एमडीए की सीलिंग की कार्रवाई और एफआईआर के बाद भी चल रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ने निगरानी का जिम्मा आवास विकास को दिया है।

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