- पीआरओ बोले-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहा निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड के दफ्तर की बगल में पैलेस सिनेमा में तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स के अवैध निर्माण पर जहां अंगुलियां उठ रही हैं, वहीं छावनी परिषद के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। उधर, कैंट बोर्ड के पीआरओ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निर्माण कार्य होना बताया। अंग्रेजों के जमाने में हनुमान चौक, बॉम्बे बाजार पर पैलेस सिनेमा नाम से सिनेमा हॉल का निर्माण किया गया था। उक्त सिनेमा हॉल कई दशक पूर्व बंद हो गया था। गत 18 जुलाई 2019 से पहले जहां पैलेस सिनेमा चलता था, उस जगह का कैंट बोर्ड ने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कर दिया था,
लेकिन तब किसी वजह से इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। छावनी परिषद अधिनियम 2006 के अनुसार दो वर्ष के लिए मानसित्र स्वीकृत किया जाता है, लेकिन निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में स्वत: ही मानचित्र निरस्त हो जाता है। यदि निर्माणकर्ता आवेदन करता है तो एक-एक वर्ष के लिए उसे एक्सटेंशन दिया जाता है। यहां 2023 तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। चुनावी वर्ष शुरू होते ही इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी शुरू किया गया। रात दिन काम करके तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स बना दिया गया।
आखिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना कैसे ?
कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने इस निर्माण की जांच भी करना सही नहीं समझा। अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। कैंट बोर्ड में इस संबंध में सीईओ से मिलकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं मिले। इस तरह कैंट बोर्ड के इंजीनियर पीयूष गौतम से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उधर, कैंट बोर्ड के पीआरओ जयपाल तोमर का कहना है कि पैलेस सिनेमा की भूमि पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ है, फिर इसकी जांच क्यों होगी?

