Saturday, June 15, 2024
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कपसाड़ में डेंगू के डंक से वृद्ध की मौत

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  • वृद्ध की मौत से परिजनों में मचा कोहराम, गांव में फैली दहशत

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: क्षेत्र के कपसाड़ गांव में बुखार व डेंगू का कहर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों की लगातार मौत हो रही है। शनिवार को डेंगू की चपेट में आने से एक वृद्ध की मौत हो गई। करीब एक सप्ताह पूर्व वृद्ध को बुखार आया था। जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वृद्ध की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं, अधिकारियों ने गांव में मीटिंग करके ग्रामीणों को जागरुक किया।

सरधना के कपसाड़ गांव में बुखार व डेंगू ने कहर बरपा रखा है। गांव में अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग व सफाई अभियान भी जारी हैं। इसके बाद भी हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं। गांव निवासी लोकेश के वृद्ध पिता कमल सिंह को करीब एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था।

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चिकित्सक से उपचार शुरू कराया। मगर तबीयत में सुधार नहीं हुआ। जांच कराने पर पता चला की डेंगू है। परिजनों ने वृद्ध को उपचार के लिए मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आराम मिलने पर परिजन वृद्ध को घर ले आए। शनिवार को अचानक से फिर तबीयत बिगड़ी और वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

वहीं, बढ़ते प्रकोप से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सीएचसी प्रभारी डा. संदीप गौतम का कहना है कि मामला जानकारी में नहीं है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। वहीं, अधिकारियों ने गांव में मीटिंग करके ग्रामीणों को जागरुक किया। अपने आसपास सफाई रखने और पानी जमा नहीं होने देने की बात कही।

शहर में डेंगू दे रहा मौत का दंश

मेरठ: डेंगू, बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक 813 मरीज बुखार के आ चुके हैं, इसमें चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि मरीजों की ये संख्या एक सरकारी आंकड़ा है। अगर अस्पतालों और डॉक्टरों की ओपीडी में जाकर देखा जाए तो यह संख्या दो गुना ज्यादा निकलेगी। जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग नहीं देता। एक दिन पहले जिले में बुखार के 28 नए मरीज मिले हैं।

आज शनिवार को 24 नए केस मिले हैं, इनमें डेंगू की पुष्टि हुई है। शनिवार को कपसाड़ में डेंगू पीड़ित की मौत हो गयी। पूरे जनपद में सबसे ज्यादा डेंगू से मौत सरधना के कपसाड़ में हुई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग कपसाड़ में हुई मौतों को अभी दर्ज नहीं कर रहा है। जनपद भर की यदि बात की जाए तो बुखार से मरने वालों का गैर सरकारी आंकड़ा तीन दर्जन के पार हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम नाकाफी हैं।

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बुखार से शहर में 1 युवक और 1 रिटायर्ड क्लर्क की मौत हो चुकी है। हस्तिनापुर में एक महिला और कपसाड़ में एक बच्चे की जान भी बुखार से गई है। हालांकि कपसाड़ में लगातार बुखार का प्रकोप बना हुआ है। पिछले दिनों यहां हुई मौतों का कारण बुखार माना जा रहा है। मेरठ में डेंगू के कहर के चलते ही स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक परिवार कल्याण बृजेश राठौर बीते दिनों मेरठ आए थे।

उन्होंने यहां स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के आलाधिकारियों के साथ डेंगू के केसों को लेकर समीक्षा भी की थी। इसके अलावा उन्होंने जिला अस्पताल व मेडिकल में बनाए गए डेंगू वार्डों का निरीक्षण भी किया। डेगू की रोकथाम को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे, लेकिन तमाम कवायदों के बाद भी अभी डेंगू की रफ्तार में तेजी जारी है।

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