Friday, May 1, 2026
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मेरठ में भी पुराने वाहन होंगे स्क्रैप, 90 दिन की मोहलत

  • पेट्रोल 15 वर्ष और डीजल 10 वर्ष पूरे कर चुके वाहन अब नहीं दौड़ पाएंगे सड़कों पर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: राष्टÑीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश को सख्ती से एनसीआर में लागू करने की तैयारी चल रही हैं। आरटीओ की तरफ से 15 वर्ष पुराने पेट्रोल और 10 वर्ष पुराने डीजल के वाहनों का संचालन मेरठ में पूरी तरह से प्रतिबंतिधत होगा। इसके बावजूद निर्धारित समय से ज्यादा होने पर वाहन सड़कों पर दौड़ते मिले तो ऐसे वाहनों को जब्त कर स्क्रैप की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फिलहाल आरटीओ आॅफिस की तरफ से इसमें 90 दिन की मोहलत दी गई हैं, ताकि ऐसे वाहनों की एनओसी लेकर अन्य जनपदों में पंजीकरण कराया जा सकता हैं।

आरटीओ हितेश तिवारी ने बताया कि एनजीटी के आदेशों का सख्ती के साथ पालन किया जा रहा हैं। प्रमुख सचिव परिवहन ने भी इसको लेकर पत्र जारी किया हैं, ताकि इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए। जो 90 दिन की मोहल्लत वाहन स्वामी को दी गई हैं, उसमें पंजीकरण बिजनौर या फिर अन्य जनपद में कराया जा सकता हैं। आरटीओ ने बताया कि 90 दिन के बाद विभाग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को जब्त करेगा और स्कै्रप करेगा।

मोटरयान अधिनियम 1988 के प्राविधानों के तहत पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वाहन स्वामी इस दायरे में आने से तीस दिन पहले ही अपने वाहनों को अन्यंत्र पंजीकरण कराने के लिए एनओसी लेने की कार्रवाई करें। बीएस-प्रथम और बीएस-द्वितीय वाहनों को कोई अनापत्ति निर्गत नहीं की जाएगी तथा ऐसे वाहनों को मात्र स्क्रैप करने की ही कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ के सख्त रुख के बाद वाहनों के स्वामियों में हड़कंप मच गया हैं।

किसानों के पुराने ट्रैक्टरों का क्या होगा?

ट्रैक्टरों को लेकर भी बवाल मच सकता हैं। किसानों के पास तो पन्द्रह वर्ष पूरे कर चुके ट्रैक्टर भी इस दायरे में आ जाएंगे। उनको भी आरटीओ की तरफ से जब्त कर स्क्रैप करने की कार्रवाई की जाएगी। ट्रैक्टरों को लिए अलग से कोई राहत देने की बात परिवहन विभाग की तरफ से नहीं की हैं। पहले ही ट्रैक्टरों को लेकर भाकियू आंदोलन कर चुकी हैं। भाकियू कह चुकी हैं कि 15 नहीं, बल्कि किसानों के पास पच्चीस वर्ष पुराने तक टैÑक्टर हैं, वे ट्रैक्टर ठीक काम कर रहे हैं। फिर उनको स्क्रैप कैसे होने दिया जाएगा? इसको लेकर किसानों और परिवहन विभाग के बीच फिर से ठन सकती हैं।

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