Saturday, June 22, 2024
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काउंटर खोलकर दिन भर किया कैश का इंतजार

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  • छुट्टी के दिन बिल जमा करने की थ्योरी का फैसला नहीं साबित हो रहा कारगर
  • पीवीवीएनएल के वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं ने एमडी को पत्र लिखकर जतायी आपत्ति

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रेवेन्यू को लेकर मची आपाधापी में पीवीवीएनएल के कुछ अफसरों के अवकाश के दिन काउंटर खोलने का फरमान गले की फांस बनता नजर आ रहा है। रविवार अवकाश के रोज दिन भर टीजी-2 कैश काउंटर खोलकर बैठे रहे। उपभोक्ताओं का इंतजार करते रहे, लेकिन पूरा दिन इंतजार में ही गुजर गया। दरअसल, अवकाश के दिन बिजली के बिल जमा कराने का कांसेप्ट परवान चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। वहीं दूसरी ओर राज्य विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के नेताओं ने भी इसको लेकर एमडी पावर कारपोरेशन को पत्र लिखा है।

दरअसल, दो दिन पहले एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया कि अवकाश के दिन भी कैश काउंटर खोल जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने में सहूलियत दी जा सके। इसी क्रम में रविवार को कैश काउंटर खोले भी गए। ज्यादातर कैश काउंटरों पर टीजी-2 संविदा कर्मचारी बैठे रहे, लेकिन जिस उम्मीद से कैश काउंटर खुलवाए गए वो पूरी होती नजर नहीं आयी। वहीं, दूसरी ओर अवकाश के दिन कैश काउंटर खोले जाने के पीवीवीएनएल के कुछ अफसरों के फरमान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि नियमानुसार दिनभर जो भी काउंटर पर जो भी कैश आता है, अगले दिन बैंक में जमा किया जाता है। यदि अवकाश के दिन काउंटर खोला जाएगा और उसमें कैश जमा होगा अवकाश का दिन होने के चलते जब बैंक बंद रहेगा उस दशा में वह कैश कहां रखा जाएगा। नियमानुसार सुरक्षा कारणों के चलते कोई भी कर्मचारी सरकारी कैश को अपने यहां नहीं रख सकता। ऐसे में सवाल यही कि अवकाश के दिन जो बिल जमा होंगे उनका जो कैश जमा होगा वह कहां रखा जाएगा।

एमडी पीवीवीएनएल को पत्र

राज्य विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश उक्त तमाम आशंकाओं को जताते हुए एमडी पावर कारपोरेशन को एक पत्र लिखकर चिंताओं से अवगत कराया है। इसको लेकर भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सभी सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन कैश काउंटर खोलने तथा संघ द्वारा विरोध के कारण निरंतर गतिरोध की स्थिति बनी हुई हैं, इतने विरोध के बावजूद निरंतर आदेश जारी करने के क्रम से संगठन को यह प्रतीत हो रहा हैं कि उच्च विभागीय अधिकारियों पर भी कहीं न कहीं से उच्च दबाव बनाया जा रहा हैं,

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जिसके कारण अधिकारी गण भी ऐसे आदेश करने को बाध्य है। संघ सदस्यों द्वारा विरोध करने के कारण सभी अधिकारी और कर्मचारी घोर असमंजस में रहते हैं तथा निरंतर ही आधिकारियों, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के मध्य अनिश्चितता की स्थिति बनी रहती हैं। फलस्वरूप विभाग, कर्मचारी और उपभोक्ता किसी को भी कैश काउंटर खोलने का विशेष लाभ नहीं मिल पाता। कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के पश्चिमांचल महासचिव अभिमन्यु कुमार ने इस मामले में एमडी को कुछ सुझाव भी दिए हैं।

सभी कैश काउंटर न खोलें

सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन खंड के अंर्तगत सभी कैश काउंटर को न खोलकर प्रति उपखंड चिह्नित अधिकतम एक कैश काउंटर प्रत्येक सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन सुबह 8 बजे से रात्रि के 8 बजे तक दो पालियों में खोलना सुनिश्चित किया जाए, इसके लिए खंड में उपलब्ध सभी लिपिकीय एवं तकनीकी कर्मचारियों का रोस्टर संबंधित अधिशासी अभियंता द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में जारी कर दिया जाएं, इसके लिए सभी आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने यथा

कैश काउंटर चिन्हित करने, कर्मचारियों की कमाऊ बनवाने, प्रत्येक सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन चिह्नित काउंटर खुलने की सूचना से सभी उपभोक्ताओं में मध्य प्रचारित करने, काउंटर से कर्मचारियों की मैपिंग करने से संबंधित कार्यवाही खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा उपलब्ध करवा दी जाए तथा सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन रोस्टर के अनुसार काउंटर खोल कर श्रमदान करने वाले प्रत्येक लिपिकीय, तकनीशियन कर्मचारी को यथा संभव आवश्यकतानुसार प्रतिकर अवकाश दे दिया जाये।

कैश की सुरक्षा की जाए सुनिश्चित

प्रत्येक सप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश के दिन कैश काउंटर खोलने के साथ कुछ आवश्यकताए है जो सुनिश्चित की जानी चाहिए, यथा कैश काउंटर पर सुरक्षा, कर्मचारी का बीमा, कैश चेस्ट मय बीमा की सुविधा, कैश वैन इत्यादि सभी आवश्यक व्यवस्था भी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। कैश काउंटर खोलने के आदेशों पर रोक लगने के साथ ही, कर्मचारियों में उत्पन्न रोष को कम करते हुए निगम हित एवं उपभोक्ता हित में उचित आदेश यथा शीघ्र जारी किए जायेगें तथा संगठन को भी पत्र के प्रत्युत्तर में सूचित किया जायेगा।

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