Monday, January 24, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsShamliबेमौसम बारिश से धान की फसल हुई बर्बाद

बेमौसम बारिश से धान की फसल हुई बर्बाद

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  • कैराना में ओवरफ्लो होकर टूटी मामौर झील
  • किसानों की हजारों बीघा धान फसल बर्बाद

जनवाणी संवाददाता |

कैराना: रविवार की शाम कैराना क्षेत्र में बेमौसम हुई मूसलाधार बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। पहले से गंदे पानी से लबालब मामौर झील मूसलाधार बारिश के पानी से एक बार फिर ओवरफ्लो होकर टूट गई। किसानों ने बताया कि उनके द्वारा झील के किनारे पर पानी रोकने के लिए लगाई गई मिट्टी की आड़ रात के समय तेज बारिश के कारण टूट गई। जिस कारण झील का पानी किसान हनीफ की 40 बीघा, मंजीत की 30 बीघा, मुख्तियार की 40 बीघा, अय्यूब की 40 बीघा, करनेल की 20 बीघा, मामचंद की 20 बीघा, यशपाल की 35 बीघा सहित दर्जनों किसानों की धान की कटी हुई खेतों में पड़ी करीब 2000 बीघा फसलों में पानी घुस गया।

जिससे धान की समस्त फसल पानी में नष्ट हो गई। इसके अलावा झील व बारिश का पानी गांव मामौर निवासी ग्रामीण अय्यूब, लकखा, कामिल, इलियास, नासिर, दल्ली, गय्यूर, जावेद , हेप्पी के मकानों में भर गया। सभी मकानो के गिरने की आशंका बनी हुई हैं। सूचना के बाद एसडीएम उदभव त्रिपाठी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि एक जेसीबी व पोर्कलेन मशीन मंगाकर झील की आड़ की मरम्मत कराई तथा पानी को रुकवाया गया।

ठंडे बस्ते में वाटर ट्रीटमेंट प्लान

किसानों ने बताया कि मामौर झील की समस्या का शासन प्रशासन के द्वारा वर्षों से कोई समाधान नहीं कराया गया, जबकि अनेको बार प्रशासनिक अधिकारियो व जनप्रतिनिधियों द्वारा झील का निरीक्षण कर चुके हैं। पिछले दिनों भी सिंचाई विभाग की ओर से झील के गंदे पानी को साफ कर किसानों को सिंचाई के लिए साफ पानी उपलब्ध कराने तथा पास में मौजूद यमुना में पानी डालने के लिए वाटर ट्रीट प्लांट लगाने की बात कही गई थी, लेकिन वाटर ट्रीट प्लांट का प्रोजेक्ट का कोई अता पता नहीं हैं।

नुकसान के बाद नहीं मिलता मुआवजा

गांव मामौर व मवी निवासी किसानों ने बताया कि हर बार बारिश होने या कैराना नगर से आने वाले गंदे पानी के कारण झील ओवरफ्लो होकर टूट जाती हैं। इसके साथ ही गांव पंजीठ से आने वाले कच्चे नाला भी जगह-जगह से टूट जाता हैं। जिस कारण पंजीठ के किसान भी मामौर झील में जाने वाले कच्चे नाले से परेशान हैं।

गांव मामौर व मवी सहित पंजीठ के किसानों की हर बार फसलों का भारी नुकसान हो जाता हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से उनको कभी भी उनकी फसलों के हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों ने शासन प्रशासन से उनकी फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की हैं।

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