- जलभराव होने और टंकी में सीवर का गंदा पानी से आने परेशान है कॉलोनीवासी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जयभीम कॉलोनी के प्रतापनगर में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। सीवर चौक होने से हुए जलभराव और टंकी में भी गंदा पानी से आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में गंदगी होने से लोगों को बीमारी अपनी चपेट में ले रही है। कॉलोनि वालियों का कहना है कि यहां आए दिन कोई ना कोई बच्चा बीमार होता रहता है। गंदा पानी पीने की वजह से बच्चों को डायरिया हो रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
नगर निगम की ओर से भले ही स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हो, लेकिन जयभीम कॉलोनी का हाल इन दावों की बखूबी पोल खोल रहा है। इस कॉलोनी के प्रताप नगर में ना तो लोगों को स्वच्छ पेयजल ही मिल पा रहा है और ना ही यहां स्वच्छता दिख रही है। सीवरों की सफाई न होने की वजह से उल्टा गंदगी का अंबार लगा हुआ है। प्रताप नगर के खाली प्लॉट में सीवर के गंदे पानी से जलभराव हो रहा है। जिसमें दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। उधर, लोगों के घरों में पानी तक नहीं आता है।
प्रताप नगर निवासी अंगत का कहना है कि गलियों में सीवर लाइन चोक हो गई है, जिसकी वजह से सीवर उफान लेकर प्लॉटों में पानी भर गया है। इसकी गंदगी से खतरनाक और जानलेवा मच्छर पनप रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजेश पाल, बाल किशन, राजपाल मिस्त्री, बीरसिंह, बिरजू, मनीष, संदीप, अनिल आदि परिवारों के बच्चे और सदस्य बीमार हो रहे हैं। वहीं, इस संबंध में नगर निगम महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि लगातार सफाई अभियान चलता रहता है। अगर कोई एरिया छूट गया है तो उसे दिखवाया जाएगा। सीवर की सफाई कराई जाएगी। पानी की समस्या का भी समाधान कराया जाएगा।
एक ही टंकी, नहीं होती पानी की पूर्ति
प्रताप नगर निवासी अंगत का कहना है कि पूरे जयभीम कॉलोनी में एक ही टंकी है, जो पूरी कॉलोनी की पूर्ति नहीं कर पाती है। ऐसे में लोगों को सबमर्सिबल चलाना पड़ता है, लेकिन उसका पानी भी साफ नहीं होता है। टंकी चलाते ही काला और कीचड़ जैसा पानी आता है।
हर वार्ड में 10 आशाएं घर-घर जाकर टेस्ट करेंगी पानी
मेरठ: महानगर में अब हर वार्ड में एक सुपरवाइजर के साथ दस-दस आशा दीदीयां घर-घर जाकर पानी की जांच करेंगी। हर वार्ड की पानी टेस्टिंग रिपोर्ट गूगल पर अपलोड की जाएगी। पांच वार्डांे में दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें मिलने पर नगरायुक्त ने वहां विशेष अभियान चलाकर पानी को टेस्ट करने के साथ-साथ पाइप लाइन की लीकेज का पता लगाकर उसे ठीक कराने के निर्देश दिए। उधर नगर निगम कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई दिवस में नगरायुक्त ने सुबह दस बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक जनता की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के निर्देश संबंधित अनुभागों के अधिकारियों को दिए।
इसमें कुल 11 शिकायतें आर्इं। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने सुबह नगर निगम कार्यालय पर आयोजित जनसुवाई दिवस में लोगों की समस्याओं को सुना। जन्म-मृत्यु पंजीकरण संबंधित चार शिकायतों, विभिन्न वार्डों के मौहल्लों में नाली, सड़क व अन्य निर्माण कराने संबंधी पांच शिकायतें, स्ट्रीट लाईट खराब होने की दो शिकायतें आर्इं। नगरायुक्त ने उक्त शिकायतों का निस्तारण कराने के लिए रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मुख्य अभियन्ता (निर्माण) व प्रभारी मार्ग प्रकाश को निर्देशित किया। नगरायुक्त ने सिटीजन फोरम संस्था के पदाधिकारियों से वार्ता की और उनसे नगर निगम क्षेत्र में विकास के लिए सुझाव देने को कहा।
नगरायुक्त ने नगर में की जा रही पेयजल आपूर्ति की टेस्टिंग के लिए आशा दीदीयों, जल निगम व नगर निगम के अभियन्तागण के साथ बैठक की। बैठक में नगरायुक्त ने आशा दीदीयों के माध्यम से नगर निगम के 50 वार्डो में की जा रही जलापूर्ति की टेस्टिंग के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का अवलोकन किया। एक सुपरवाईजर के अधीन 10 आशा दीदी वार्ड में घर-घर जाकर जलापूर्ति की टेस्टिंग करेंगी। नगरायुक्त ने रात्रि में सेन्ट्रल मार्केट व सूरजकुण्ड स्पोर्ट्स मार्केट में सफाई व कूड़ा उठवाने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सभी मुख्य बाजारों में प्रात: दस बजे के बाद व रात्रि में नौ बजे के बाद कूड़ा उठवाने की व्यवस्था रोजाना कराने व रिपोर्ट को गूगल शीट पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

