Tuesday, June 18, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutखेल का मैदान बना गड्ढा, कैसे करें युवा तैयारी?

खेल का मैदान बना गड्ढा, कैसे करें युवा तैयारी?

- Advertisement -
  • अधिकारियों की उपेक्षा का हो रहा शिकार, शिकायत के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई

जनवाणी संवाददाता |

दौराला: हितकारी किसान इंटर कॉलेज सकौती में छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल द्वारा छोड़ा गया खेल का मैदान गड्ढा और रोड़ी का अड्डा बन गया है। बताते चलें कि 2018-19 में रेलवे डीएफसीसी ने कोलकाता अमृतसर रेलवे दोहरीकरण का कार्य शुरू किया था जिसको लेकर स्कूल मैदान के आसपास की जमीन अधिग्रहण की गई थी। काम कंप्लीट होने के बाद रेलवे बिजलीघर का निर्माण कार्य शुरू किया गया।

रेलवे अधिकारियों द्वारा स्कूल के मैदान में होकर एक रास्ता बनाया गया। जिसमें बिजली घर के उपकरण ले जाए गए स्कूल प्रबंधक और रेलवे डीएफसीसी एवं अधिकारियों में सहमति बनी कि कार्य पूर्ण होने के बाद स्कूल के मैदान को अच्छा और सही करके रेलवे डीएफसीसी द्वारा दिया जाएगा। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी रेलवे डीएफसीसी अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली बच्चों के खेलने के लिए खेल का मैदान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है

स्कूल प्रबंधक और स्कूल कमेटी से बात की तो पता चला कि बार-बार रेलवे अधिकारियों और डीएफसीसी को कहने के बावजूद भी खेल के मैदान को सही तरीके से सही नहीं कराया जा रहा है जिससे बच्चों में खेल दौड़ का विकास रुका हुआ है वहीं कुछ छात्र छात्राओं का कहना है कि दौड़ने व्यायाम और रनिंग के लिए जो ट्रेक बनाए गए थे। वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

आसपास के ग्रामीण के छात्र-छात्राएं भी यहां पर वार्मअप ओर दौड़ लगाने के लिए आते हैं। बात करें तो पिछले काफी समय से काफी आसपास के गांव के बच्चे यहां पर दौड़ लगाते थे और सेना की भर्ती की तैयारी भी करते थे, लेकिन आज स्थिति ऐसी हो गई कि आसपास यहां कोई भी इस तरह का खेल का मैदान या रनिंग के लिए कोई भी पॉइंट ऐसा नहीं है जहां पर से रनिंग या वार्म अप किया जा सके

आज वहां पर पहुंचे और कमेटी प्रबंधकों से बात की कमेटी प्रबंधक ने बताया कि रेलवे बार-बार आश्वासन दे रहा है कि जल्द ही खेल के मैदान को दुरुस्त करा कर बच्चों के लिए छोड़ दिया जाएगा। वर्ष 2018-19 में केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने 178 मीटर स्कूल की चारदीवारी कराई थी। जिसकी अनुमानित लागत लगभग 863000 के करीब थी। कुछ दिन पूर्व कुछ दिन पूर्व भी रेलवे ने उसको भी ढहा दिया था।

22 20

जिसको लेकर आज तक ना ही तो चार दीवारी बनाई गई है और न ही पौधे लगाए गए हैं। खेलो इंडिया के तहत जहां एक ओर भारत सरकार बच्चों के लिए खेलने के लिए जमीन मुहैया करा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर केंद्र सरकार के ही कर्मचारी इस योजना को पलीता लगा रहे हैं। खेल के मैदान से ही प्रतिभाएं निकलती हैं।

ग्रामीण क्षेत्र की बात करे तो सकौती के बात शाहपुर में भी पूर्व भाजपा विधायक ठाकुर रविन्द्र पुंडीर ने स्टेडियम बनाया था। पिछली साल खेलो को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलावा में एशिया की सबसे बड़ी खेल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया था।

स्कूल अध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव कहना है कि रिवील रेलवे अधिकारियों और डीएफसीसी अधिकारियों से मिलकर जल्द ही खेल का मैदान को तैयार कराया जाएगा जिससे बच्चों का विकास हो सके।

स्कूल प्रबंधक प्रमोद शर्मा का कहना है कि जो भी जगह हमें मुहैया कराई गई है। उसको लेकर के हम लोगों ने सारी डिटेल मंगाई हुई है। जो भी स्कूल प्रबंधक हमें जंगल और जमीन बताएगा खेल मैदान को उसी रूप में तैयार करा कर दिया जाएगा। प्रबंधक हमें लिखित रूप में दे तो हम इस पर विचार कर खेल के मैदान को तैयार कर आएंगे।

ब्रजवीर सिंह ने बताया कि काफी समय से यह स्थिति खेल मैदान को लेकर के हैं कि कोई भी छात्र छात्राएं ना ही तो यहां खेल सकते हैं और ना यहां पे हम कर सकते हैं। इसको लेकर जल्दी ही उच्च अधिकारियों से मिल छात्र छात्राओं के लिए मैदान को साफ और सही कराया जाएगा।

स्कूल प्रबंधक राजकुमार पंवार का कहना है कि नियम शर्तों सहित रेलवे और डीएफसीसी को सामान लाने ले जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे डीएफसीसी अधिकारी अपने वादे से मुकर रहे हैं इसको लेकर एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रेलवे अधिकारियों से मिलकर खेल के मैदान को तैयार कराने की माँग करेगा।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
3
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments