जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम’ लॉन्च करेंगे।
इस स्कीम के तहत रिटेल इन्वेस्टर्स को प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट का ऑनलाइन एक्सेस मिलेगा। ये अभी तक केवल चुनिंदा निवेशकों जैसे बैंक और संस्थागत निवेशकों के लिए ही खुले थे।
5 फरवरी को की गई थी आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम की घोषणा
आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम की घोषणा इस साल 5 फरवरी को गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा की गई थी। इस स्कीम की घोषणा करते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसे महत्वपूर्ण स्ट्रक्चरल सुधार बताया था।
ऑनलाइन पोर्टल पर फ्री में खोल सकेंगे गिल्ट अकाउंट
इस स्कीम के तहत रिटेल इन्वेस्टर मुफ्त में आरबीआई के साथ अपना गवर्नमेंट सिक्योरिटीज अकाउंट (गिल्ट अकाउंट) ओपन करने के साथ ही उसे मेंटेन कर सकेंगे। निवेशक एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए गिल्ट अकाउंट को ओपन करवा सकेंगे।
गवर्नमेंट सिक्योरिटी मार्केट का ऑनलाइन एक्सेस
इस साल जुलाई में सेंट्रल बैंक ने कहा था कि इन्वेस्टर्स के पास प्राइमरी ऑक्शन में बोली लगाने का एक्सेस होगा। इसके साथ ही गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के लिए सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का एक्सेस भी इन्वेस्टर्स को मिलेगा।
2005 में लॉन्च किया गया था एनडीएस-ओम
सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को निगोसिएटेड डीलिंग सिस्टम ऑर्डर मैचिंग (एनडीएस-ओम) कहते हैं। इसके जरिए सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग की जाती है। 2005 में इसे लॉन्च किया गया था। इस सिस्टम को सेकेंडरी मार्केट ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

